देहरादून। चारधाम यात्रा 10 मई से शुरू हुई थी यात्रा में 12 दिनों के दौरान 42 यात्रियों की मौत हो गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से बुधवार को सचिवालय स्थित कंट्रोल रूम से यह डाटा जारी किया गया है।
कपाट खुलने के बाद अब तक केदारनाथ में सबसे ज्यादा 19 तीर्थयात्रियों की मौत हुई है। इसके बाद यमुनोत्री में 12, बदरीनाथ में नौ और गंगोत्री में दो श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि यात्रा के दौरान जान गंवाने वालों में अधिकांश बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोग थे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं की अभी तक स्क्रीनिंग कराई जा चुकी है। इसके बावजूद कई तीर्थयात्री बीमारी छिपाकर यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। मालूम हो स्वास्थ्य विभाग चारधाम यात्रियों के लिए एजवाइजरी जारी कर चुका है। इसके तहत यात्रा पर आने से पहले अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने और बीमार होने पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

