देहरादून। आयुर्वेद विश्वविद्यालय में लगातार 26 दिन से जारी शिक्षक, चिकित्सक और कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन के बाद मंगलवार को शासन ने बड़ा फैसला लिया है।
शासन ने विश्वविद्यालय के कुलपति व कुल सचिव समेत कई के वेतन रोककर कर्मियों के लिए 13 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है।
पूर्व में किए गए भ्रष्टाचार और गलत तरीके से की गई विभागीय पदोन्नति को भी निरस्त किया गया है। वहीं, पूर्व कुलपति प्रो. सुनील जोशी के कार्यकाल में संविदा पर तैनात कई कर्मचारियों पर गाज गिरी है। हरिद्वार के दो परिसर ऋषिकुल और गुरुकुल में तैनात कई प्रोफेसर भी कार्रवाई की चपेट में आए हैं।





