उत्तराखंड: पेपर लीक मामले में परियोजना निदेशक व असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन निलंबित

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। आयोग के संज्ञान में आए प्रकरण के बाद हरिद्वार में सेक्टर मजिस्ट्रेट डीआरडीए (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण) के परियोजना निदेशक के.एन. तिवारी  व टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र स्थित राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा की असिस्टेंट प्रोफेसर  सुमन को निलंबित कर दिया गया है।

बता दें कि पेपर को हल कर मुख्य आरोपी खालिद मलिक की बहन साबिया तक पहुंचाने के आरोप में टिहरी स्थित अगरोड़ा महाविद्यालय की इतिहास विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन पर गाज गिरी है। भले ही उन्हें सरकारी गवाह बनाया गया हो, लेकिन जिस तेजी से उन्होंने महज 10 मिनट में प्रश्नपत्र हल किया, उसने उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं हरिद्वार के जिस परीक्षा केंद्र से पेपर लीक हुआ, वहां सेक्टर मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात डीआरडीए (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण) के परियोजना निदेशक के.एन. तिवारी को भी निलंबित कर दिया गया है। परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आने पर एक दरोगा और दो सिपाहियों को एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र डोबाल ने निलंबित कर दिया है। साथ ही, इस पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सीओ रुड़की नरेंद्र पंत को सौंपी गई है।

इस मामले में जिनकी लापरवाही के कारण पेपर बाहर आया, उन पर भी जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है। शासन की नजर अब उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर है जिनकी भूमिका संदेह के घेरे में है।

 

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