उत्तराखंड: चुनाव में फिर भाजपा को लीड करेगी आजमाई हुई जोड़ी !

उत्तराखंड: चुनाव में फिर भाजपा को लीड करेगी आजमाई हुई जोड़ी !

पिछले तीन सालों से सरकार और संगठन के मुखिया की जुगलबंदी के चलते भाजपा को मिल रही चुनावी सफलताओं को देखते हुए फिलहाल इस जोड़ी के अगले विधानसभा चुनाव तक बने रहने की संभावना काफी अधिक है।

सतेन्द्र गुसाईं/दून विनर/देहरादून। प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट की 42 पदाधिकारियों की प्रदेश कार्यकारिणी की नई टीम ढ़ाई महीने के मंथन के बाद आई है। भट्ट प्रदेश कार्यकारिणी की नई टीम के फाइनल के लिए दिल्ली दौड़े। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से परामर्श किया। नई टीम को लेकर आश्वस्त होकर भट्ट कहते हैं कि युवा, महिलाओं और अनुभवी पदाधिकारियों की ये टीम 2027 में विधानसभा चुनावों की हैट्रिक लगाने का लक्ष्य पूरा करेगी।

महेन्द्र भट्ट को इस साल जून आखिरी में दोबारा प्रदेश संगठन के मुखिया की जिम्मेदारी दी गई, जबकि 30 जुलाई, 2022 को तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के स्थान पर उन्हें पहली बार प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। बतौर प्रदेश अध्यक्ष भट्ट को कुल मिलाकर तौन साल भी पूरे हो चुके हैं। वे राज्यसभा के एमपी हैं।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी मुख्यमंत्री के तौर पर चार साल से अधिक का समय हो चुका है। बीते तीन सालों में संगठन और सरकार के मुखिया के बीच बढ़िया तालमेल बताया जाता है। विपक्ष पर मुख्यमंत्री से कई ज्यादा जुबानी हमले प्रदेश अध्यक्ष करते रहते हैं। संगठन और सरकार के बीच जुगलबंदी के तौर पर नई टीम को लेकर पार्टी के लोगों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के आपसी तालमेल से मुचा चेहरों के साथ गढ़वाल और कुमाऊं के क्षेत्रीय संतुलन को बनाने में भी आसानी रही। इससे तो लगता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी ये जोड़ी खुच जमेगी। हालांकि राजनीति में करवट बदलते देर नहीं लगती।

गौरतलब है कि सरकार और संगठन के शीर्ष नेतृत्व के बीच बढ़िया तालमेल से भाजपा लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव से लेकर स्थानीय निकायों और पंचायत चुनावों में भी दबदबा बनाए रखने में कामयाब रही है। इस जुगलबंदी ने पार्टी के भीतर से सरकार के कामकान को लेकर उठ रही विरोध की आवाजों को भी मंद कर दिया है। हाल की घटनाओं में डीडीहाट भाजपा विधायक व पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल, पूर्व कैचिनेट मंत्री, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सात बार के विधायक बंशीधर भगत सहित विकासनगर विधायक मुत्रा सिंह चौहान और पूर्व कैबिनेट मंत्री, गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय ने सरकार की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद मुख्यमंत्री मुश्किल में पड़ते नजर आए, किन्तु प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने फौरन हस्तक्षेप कर नाराजगी व्यक्त कर रहे वरिष्ठ पार्टी नेताओं को न केवल तलब किया, बल्कि उन्हें अपनी चात पार्टी संगठन और मुख्यमंत्री के सामने रखने की हिदायत दी। संगठन से संबंधित मामलों को प्रदेश अध्यक्ष के सामने और सरकार से संबंधित मसलों को मुख्यमंत्री के सम्मुख रखने के निर्देश दिए। भट्ट ने कहा कि मीडिया में बयानबाजी करने से अनुशासनहीनता बढ़ती है और विरोधियों को तिल का ताड़ बनाने का मौका मिलता है।

अवेखनीय है कि डीडीहाट भाजपा विधायक बिशन सिंह चुफाल ने सरकार द्वारा बनाए गए दायित्वधारियों पर सवाल खड़े किए है। बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि कुछ गरीबों के इलाज की फाइल उन्होंने सीएम कार्यालय में लगाई थी, लेकिन जब वे सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिले, तब उनके स्टाफसे पता चला कि दर्जाधारी मंत्री हेम राज बिष्ट फाइल ले गए। चुफाल ने कहा कि वो मेरे कामों में बाधा डाल रहे हैं, उन्हें पद से हटाना चाहिए। सबसे गंभीर बात ये है कि डीडीहाट विधानसभा में प्रदेश के सीएम पुष्कर धामी का गृह क्षेत्र भी है।

इस मामले में जवाब में हेमराज बिष्ट ने हरिद्वार से एक वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया है। इससे पहले विकासनगर विधायक मुत्रा सिंह चौहान ने अवैध खनन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे। फिर गदरपुर से विधायक अरविंद पांडेय ने भी अपने क्षेत्र में अवैध खनन का मुद्दा उठाया था। कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत प्रदेश अध्यक्ष की सख्त हिदायत के बाद भी अपने समर्थकों के साथ हल्द्वानी कोतवाली के बाहर धरने पर बैठे। उन्होंने पुलिस के ऊपर कई गंभीर आरोप लगाए।

गौरतलब है कि पाटी के विधायकों के विरोधी सुरों को लेकर जब तत्कालीन भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी से पूछा गया तो उन्होंने कह दिया कि विधायकों के सामने विधानसभा चुनाव में दोबारा जाने का सवाल होता है, उन्हें जनता से किए गए अपने बादों को पूरा करना होता है। 2027 अब ज्यादा दूर नहीं है। इस कारण कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं, लेकिन नई कार्यकारिणी से आदित्य कोठारी का पत्ता काट दिया गया है।

माना जा रहा है कि कोठारी को उनके बयानबाजी का खामियाजा भुगतना

पड़ा है, जबकि प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान पर पार्टी ने तीसरी बार भरोसा जताया है। वहीं, प्रदेश कोषाध्यक्ष के पद पर पुनीत मित्तल पर लगातार तीसरी बार भरोसा कायम रहा। प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान पर भी लगतार तीसरी बार संगठन ने भरोसा दिखाया है। भाजपा की नई प्रदेश टीम में नैनीताल जिले के निवासी महेंद्र सिंह नेगी को किसान मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर आहम दायित्व सौंपा गया है। इससे पहले महेंद्र नेगी दो बार भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रह चुके हैं।

उत्तराखंड भाजपा की नई कार्यकारिणी में 42 पदाधिकारियों में आठ प्रदेश उपाध्यक्ष, तीन प्रदेश महामंत्री, आठ प्रदेश मंत्री, छह मोचों के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी शामिल है। भाजपा संगठन में विधायकों में केवल केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल को जगह मिल पाई है। में अभी तक महिला मोचों की प्रदेश अध्यक्ष थी और अब उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रदेश संगठन से विधायकों को अलग रखने की वजह विधानसभा चुनावों के लिए ज्यादा समय नहीं बचा होना है, क्यों कि ऐसे में विधायक संगठन को ज्यादा समय नहीं दे पाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट कह रहे हैं कि इस बार संगठन के पदाधिकारियों और दायित्वधारियों को चुनाव नहीं लड़ाया जाएगा। यदि ऐसा हुआ तब पदाधिकारियों में चुनाव लड़ने की उम्मीद पाल रहे कई नेताओं को अपना इरादा बदलना होगा, जिनमें उपाध्यक्ष बनाई गई वर्तमान केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल भी शामिल हैं। सूची में पहली बार पांच महिलाओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। दीप्ति रावत को प्रदेश महामंत्री चनाया गया है। विधायक आशा नौटियाल के साथ ही डॉ. स्वराज विद्वान को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। दीपिका बोहरा और नेहा जोशी को प्रदेश मंत्री बनाया है। रुचि चौहान भट्ट नई महिला मोर्चा अध्यक्ष बनाई गई हैं।

भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में इस बार नैनीताल जिले के छह नेताओं समेत कुमाऊं मंडल से कुल 17 लोगों को प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हरिद्वार जिले से 4 नेताओं को टीम में जगह मिली है। ऊधमसिंह नगर जिले से 5 लोगों को रखा गया है। जबकि हरिद्वार जिले को छोड़कर गढ़वाल मंडल से 21 नेताओं को नई टीम में रखा गया है। अकेले देहरादून महानगर से 8 को प्रदेश कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है। देहरादून जिले से 10 पदाधिकारी हैं। पूरे गढ़‌वाल मंडल से कुल 25 पदाधिकारी चुने गए हैं। देहरादून महानगर को छोड़कर पूरे गढ़वाल मंडल से 17 नेताओं को कार्यकारिणी में जगह मिली है, जो कुमाऊं मंडल के बराबर है। यूं तो भाजपा ने अंततः प्रदेश की नई टीम की घोषणा कर दी है, किन्तु युवा मोर्चा के अध्यक्ष का नाम तय नहीं हुआ। भाजपा को सत्ता में जमने में युवाओं का काफी समर्थन शामिल है। बताया जा रहा है कि युवा मोर्चा के अध्यक्ष के लिए एक पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा अपने करीबी नेता के लिए लॉबिंग की गई है। इसी वजह से युवा मोर्चा पर पेंच फंसा हुआ है या अन्य वजह है, इस पर यकीनी तौर कुछ नहीं कहा जा सकता है।

प्रदेश उपाध्यक्ष बनने पर राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि पार्टी के लिए उनका 35 वर्षों का त्याग है। भाजपा में परिश्रम करने वाले लोगों को कभी नजरअंदाज नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के विश्वास पर वे खरे उतरेंगे और आगामी 2027 के चुनाव के लिए मजबूती से काम करेंगे। प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने अपने चयन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती के लिए वे जमीन पर उतरकर काम करेंगे। प्रदेश सह कोषाध्यक्ष साकेत अग्रवाल ने बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर प्रदेश

नेतृत्व का आभार जताया है। उनका कहना है कि वे पार्टी के लिए संघर्ष करते रहेंगे। प्रदेश मीडिया संयोजक मनवीर चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक ले जाने का काम नई टीम बखूबी करेगी। अब निगाहें इस पर टिकी है कि क्या यह नई कार्यकारिणी’ 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को उसी जीत का रास्ता तैयार कर सकेगी, जिसकी पार्टी की उम्मीद है।

2025 में महेन्द्र भट्ट के दुबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद घोषित हुई 42 पदाधिकारियों की नई टीम..

प्रदेश उपाध्यक्षः अनिल गोयल (देहरादून महानगर), राजेंद्र सिंह बिष्ट (नैनीताल), आशा नौटियाल (रुद्रप्रयाग), श्रीपाल राणा (ऊधमसिंह नगर), स्वामी यतीश्वरानंद (हरिद्वार), शैलेंद्र सिंह बिष्ट (कोटद्वार), डॉ. स्वराज विद्वान (उत्तरकाशी), राकेश गिरी (रुड़की)

प्रदेश महामंत्रीः दीति रावत (पौड़ी), कुंदर परिहार (नागेश्वर), तरुण बंसल (नैनीताल)

प्रदेश मंत्री सतीश लखेड़ा (चमोली), आदित्य चौहान (देहरादून महानगर), नलिन भट्ट (टिहरी), दीपिका बोहरा (पिथौरागढ़), नेहा जोशी (देहरादून महानगर), गुंजन

सुरखीजा (काशीपुर), निमील मेहरा (चम्पावत), गौरव पांड

(अल्मोड़ा)

महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि चौहान भट्ट (अऋषिकेश)

किसान मोर्चा अध्यक्षः महेंद्र सिंह नेगी (नैनीताल)

अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्षः नेत्रपाल मौर्य

(ऊधमसिंहनगर)

अनुसूचित जाति मोर्चाः बलवीर पुनियाल (चमोली)

अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रेम सिंह राणा (ऊधमसिंह

नगर)

अल्पसंख्यक मोर्चा अनीस गौड़ (रुड़की)

प्रदेश कोषाध्यक्षः पुनीत मित्तल (देहरादून महानगर), प्रदेश सह-

कोषाध्यक्षः साकेत अग्रवाल (नैनीताल) प्रदेश कार्यालय सचिव जगमोहन रावत (कोटद्वार)

प्रदेश प्रकोष्ठ संयोजकः कौस्तुभानंद जोशी (नैनीताल), प्रदेश प्रक

सह-संयोजक सचिन अग्रवाल (हरिद्वार)

प्रदेश मुख्य प्रवक्ताः सुरेश जोशी (पिथौरागढ़)

प्रदेश मीडिया संयोजक मनवीर चौहान (उत्तरकाशी), प्रदेश मीडि सह-संयोजकः विनय गोयल (देहरादून महानगर), राजेंद्र नेगी (देहरादून महानगर), प्रदीप जनौटी (नैनीताल) व विकास तिवारी (हरिद्वार)

प्रदेश सोशल मीडिया संयोजकः हिमांशु संगतानी (ऋषिकेश), प्रदेश सोशल मीडिया सह-संयोजकः करुण दत्ता (देहरादून महानगर), गौरव सिंह (देहरादून महानगर), गंधार अग्रवाल (काशीपुर) व लाल सिंह कोरंगा

(पिथौरागढ़) प्रदेश आइटी संयोजकः प्रवीण लेखवार (टिहरी)

2022 में महेन्द्र भट्ट के पहली बार प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद 23 अगस्त को इस तरह घोषित हुई थी नई टीम

उपाध्यक्षः- पूर्व मंत्री बलवंत सिंह भौयर्याल (बागेश्वर), राज्यसभा सदस्य डॉ. कल्पना सैनी (हरिद्वार), पूर्व विधायक कुलदीप कुमार (देहरादून), कैलाश शर्मा (अल्मोड़ा), मुकेश कोली (पौड़ी) व देशराज कर्णवाल (हरिद्वार), पूर्व ब्लाक प्रमुख नीरु देवी (देहरादून), वीर चंद्र सिंह गढ़‌वाली के प्रपौत्र शैलेंद्र बिष्ट (पौड़ी)

महामंत्रीः खिलेंद्र चौधरी (ऊधमसिंहनगर), राजेंद्र बिष्ट (नैनीताल) व आदित्य कोठारी (टिहरी)

कोषाध्यक्षः पुनीत मित्तल (देहरादून महानगर)

सह कोषाध्यक्षः साकेत अग्रवाल (नैनीताल)

प्रदेश मंत्रीः मौना गंगोला (पिथौरागढ़), आदित्य चौहान (देहरादून महानगर), मीरा रतूड़ी (पौड़ी), हेमा जोशी (चम्पावत), डॉ. लीलावती राणा (ऊधमसिंहनगर), राकेश नैनवाल (नैनीताल), गुरविन्दर सिंह चंडोक व विकास शर्मा (ऊधमसिंहनगर)

कार्यालय सचिवः कौस्तुभानंद जोशी (नैनीताल)

प्रदेश मीडिया प्रभारीः मनवीर सिंह चौहान (उत्तरकाशी)

प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारीः पुष्कर सिंह काला (बागेश्वर) व ही कंडवाल (पौड़ी) प्रदेश विभाग प्रभारीः अनिल शाही (बागेश्वर) व रमेश गड़िया (चमोली)

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