देहरादून। राज्य आंदोलनकारी दिवाकर भट्ट का मंगलवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और देहरादून स्थित इंद्रेश अस्पताल में इलाज करवा रहे थे और आज ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी, जिसके बाद हरिद्वार स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई राजनीतिक दलों के नेताओ ने उनके स्वास्थ्य का हाल जाना था। वे पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इलाज के दौरान कुछ समय के लिए उनकी सेहत में सुधार भी देखा गया, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। राज्य आंदोलन में उनकी भूमिका और जन मुद्दों पर मुखर आवाज को लोग आज भी याद करते हैं।
दिवाकर भट्ट का राजनीतिक जीवन संघर्ष, स्पष्टवादिता और जनहित के मुद्दों से भरा रहा। उत्तराखंड के निर्माण आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके चलते उन्हें फील्ड मार्शल के नाम से पहचान मिली। प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों ने उनके निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है और इसे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।


