देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने राज्य सरकार पर राज्य की कीमती जमीनों को खुर्द बुद्ध करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए पिछले 20-30 सालों से राज्य के विभिन्न स्थानों पर रह रहे लोगों को बेदखल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सर्दी के इन दिनों में मानवीय दृष्टिकोण से भी कहीं पर भी रहने वाले लोगों के मकानों को तोड़ा जाना उनको बेदखल किया जाना उनको सड़कों पर पहुंचा दिया जाना किसी भी दृष्टि से न्याय संगत और तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने पुछडी में और इसके अलावा जिस तरह से हल्द्वानी में मनभुलपुरा में मकान को तोड़े जाने और आम लोगों पर गाज गिरने की तैयारी की जा रही है उसे स्पष्ट है कि राज्य सरकार उन कीमती जमीनों को अन पैसे वाले लोगों को ऑन कमीशन खोरों और भू माफियाओं को देने की तैयारी कर रही है जिन लोगों की निगाहें उत्तराखंड की कीमती जमीनों पर है उन्होंने कहा पुछड़ी में जिस तरह से लोगों को बेदखल किया गया वह तानाशाही का जीता जागता उदाहरण है।
उन्होंने इस तोड़फोड़ का विरोध कर रहे स्थानीय राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को घंटे पुलिस थाने में बंद किए जाने को राजनीतिक कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न बताया उन्होंने कहा कि प्रभात ध्यानी और अन्य लोगों ने जो प्रदर्शन किया वह गांधीवादी संघर्ष का एक उदाहरण था। लेकिन जिस तरह से उनको एक थाने से दूसरे थाने ले जाया गया और उनके साथ महिलाओं को भी उत्पीड़ित किया गया वे इसकी निंदा करते हैं।
उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष में जनता के साथ है और उत्तराखंड की कोई भी जमीन अगर खुर्द बुर्द की जा रही हैं और उनका उद्देश्य बाहरी लोगों को सस्ते दामों पर जमीन उपलब्ध कराना है और उसमें कमीशन खाना है तो कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करेगी।


