देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर की चिकित्सा इकाईयों में आगामी एक जनवरी से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है।
बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए शुक्रवार को महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने निदेशक गढवाल-कुमाऊ मण्डल एवं समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षको के साथ विडियो कॉन्फ्रेन्स की।
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने विडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से प्रदेश के समस्त चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, तकनीकी एवं समस्त कार्मिकों को एक जनवरी से अनिवार्य आधार वेस्ट बायोमीट्रिक उपस्थिति के साथ ही चिकित्सालयों में मरीजों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सालयों में प्रत्येक दिवस के अनुसार चादर बदलने एवं सफाई व्यवस्था दूरस्थ किये जाने के निर्देश दिए हैं।
महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, प्रमुख अधीक्षकों को विडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से कहा कि इस व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन बनाने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत करायें तथा समयबद्ध रिपोर्ट महानिदेशालय को उपलब्ध करायें। यह प्रयास प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
साथ ही चिकित्सालयो में कार्यरत चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ को निर्देश दिये गये कि वह मरीजो के साथ सहानुभूति पूर्वक व्यवहार करें। किसी भी मरीज को कम्पलीट एस्समेन्ट करने के उपरान्त ही अगर अति आवश्यक हो तो मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से सत्यापन एवं एस०ओ०पी के अनुसार रैफर करना सुनिश्चित करें। साथ ही निदेशक गढवाल-कुमाऊ मण्डल को निर्देश दिये गये है कि चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्सकों के अवकाश अवधि में अन्य चिकित्सकों की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें ताकि आम जनमानस को असुविधा न हो।
बैठक में डॉ. शिखा जंगपांगी निदेशक, डा. प्रीति पन्त अपर निदेशक, डॉ. आनन्द शुक्ला सयुंक्त निदेशक, डा. नरेश नपलच्याल सहायक निदेशक, डा. अमलेश सहायक निदेशक, डॉ. सुजाता सिंह सहायक निदेशक, आदि ने प्रतिभाग किया।


