देहरादून। मंगलवार को दीनदयाल पार्क के बाहर आयोजित एक सत्याग्रह को संबोधित करते हुए चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक और पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर मिनी जुमलेबाज बताया।
धीरेंद्र प्रताप उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति व आंदोलनकारी संगठनों के द्वारा आयोजित सत्याग्रह को संबोधित कर रहे थे। सत्याग्रह का साझा नेतृत्व जगमोहन सिंह नेगी, प्रदीप कुकरेती, धीरेंद्र प्रताप, सावित्री नेगी व अन्य नेताओं ने किया।
सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री धामी द्वारा राज्य के स्थापना दिवस पर आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण व अन्य सवालों को लेकर की गई घोषणाओं के अमली जामा पहनाए जाने में की जा रही देरी पर सरकार पर तंज कसे। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुमलेबाजी करते रहते हैं इस तरह से मुख्यमंत्री धामी भी सुखी घोषणाएं करते रहते हैं परंतु उन्हें अमली जामा नहीं पहनाया जाता है।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि 9 नवंबर को मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 6 महीने में आंदोलनकारी का चिन्हिकरण हो जाएगा लेकिन आज डेढ़ महीना गुजर गया है लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने राज्य आंदोलनकारी को दिए जा रही पेंशन को भी ऊंट के मुंह में जीरा बताया।
इस मौके पर जगमोहन सिंह नेगी ने भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कल फिर से देहरादून में सत्याग्रह किया जाएगा। प्रदीप कुकरेती और सावित्री नेगी ने राज्य सरकार से कहा कि वह आंदोलनकारी का अपमान बंद करें। इस प्रदर्शन में मोहन सिंह रावत, जगमोहन सिंह नेगी, सुभद्रा उनियाल, सावित्री नेगी, रेनू सकलानी समेत अनेक लोगों ने आंदोलनकारी को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार को जन विरोधी आंदोलनकारी विरोधी करार दिया।
बाद में अपनी मांगों को लेकर धीरेंद्र प्रताप, जगमोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में आंदोलनकारी नेताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन दिया और सरकार से मांग की कि वह आंदोलनकारी के हितो को लेकर उठाए गए कदमों में हीला हवाली ना करें।


