देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह एवं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत सहित सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सचिवालय कूच कर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई।
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सिल्वर सिटी मॉल में हुआ गोलीकांड और बीते 48 घंटों में हुई दो हत्याएं इस बात का प्रमाण हैं कि अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि बीते 16 दिनों से हर सुबह हत्या की खबर सामने आ रही है।
उन्होंने सीधे तौर पर पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आम जनता की सुरक्षा छोड़कर मंत्रियों की निजी अपेक्षाओं और इच्छाओं की पूर्ति में लगे हैं। अपराधियों को लगता है कि देवभूमि उनके लिए सबसे सुरक्षित पनाहगाह बन चुकी है। गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निजी हमला बोलते हुए कहा कि हम उन्हें कोमल हृदय का व्यक्ति समझते थे, लेकिन आज वे पूरे भारत में ऐसे मुख्यमंत्री के रूप में उभर रहे हैं जो जगह-जगह जाकर हेट स्पीच दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसे नरेटिव सेट कर असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। नौ साल बीत जाने के बाद भी भाजपा सरकार चलाना नहीं सीख पाई है और केवल झूठ के दम पर सत्ता हथियाने का काम कर रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कानून-व्यवस्था को ‘चौपट’ करार देते हुए कहा कि बाहरी अपराधियों को बुलाकर यहाँ व्यापार करवाया जा रहा है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी जांच को भटकाया जा रहा है।
प्रीतम सिंह ने मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी द्वारा पद पर रहते हुए छुट्टी न लेने के विषय पर भी कटाक्ष किया और कहा कि आने वाले 2027 के चुनाव में प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री को स्थायी रूप से छुट्टी देने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग मरने से पहले सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार हिंदू-मुस्लिम के एजेंडे में व्यस्त है।
पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने भी प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कहा कि उत्तराखंड ने कभी ऐसे असुरक्षित हालात नहीं देखे। उन्होंने कहा कि जब राजधानी के वीवीआईपी इलाकों में गोलियां चल रही हों, तो दूरस्थ पहाड़ों की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप लेगा। विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया।


