सीएम की मौजूदगी के बजाय अपने विधायकों को संयम सिखाये काग्रेस: चौहान

सीएम की मौजूदगी के बजाय अपने विधायकों को संयम सिखाये काग्रेस: चौहान

* कांग्रेसी विधायकों के हुड़दंग की भेंट चढ़ता रहा है प्रश्नकाल

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि विधान सभा सत्र के दौरान प्रश्नकाल हमेशा कांग्रेसी विधायकों के अमर्यादित और गैर जरूरी हो हल्ला के चलते अधिकतर नही हो पाया है। इसलिए कांग्रेस को अपने विधायकों को संयम का पाठ सिखाने की जरूरत है।

कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि वह प्रश्न काल मे सीएम के होने को जरूरी बता रहे है, लेकिन बेहतर यह होता कि वह कांग्रेस के विधायकों को प्रश्न काल निर्बाध रूप से चलाने की बात कहते। उन्होंने कहा कि सदन को चलाने के लिए विपक्षी विधायकों की भी जिम्मेदारी होती है और अब तक सत्र मे वह इसे दिखाने मे असफल ही रहे हैं।

चौहान ने कहा कि सत्र मे प्रश्नकाल अहम होता है जिसमे जनता के सवाल सरकार से पूछे जाते हैं। लेकिन कांग्रेसी विधायक जिस तरह से प्रश्न काल का बहिष्कार करते रहे है वह जनता से सरासर धोख़ा है। उन्होंने कहा कि सदन मे उठने वाले सभी सवालों का जवाब मिलता है और यह व्यवस्था रही है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि प्रश्नकाल मे विपक्षी विधायक भागीदारी करे।

चौहान ने कहा कि विपक्ष का कार्य महज विरोध करना नही, बल्कि रचनात्मक भूमिका का निर्वहन कर सुझाव भी देना होता है। महज सुनियोजित और काल्पनिक मुद्दों को लेकर सरकार को निशाने पर लेने और दुष्प्रचार को लोकतंत्र मे सही नही माना जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सदन नियम और परंपरा से चले सरकार यह चाहती है। विपक्षी विधायक जनता के सवालों को रखे और स्वस्थ चर्चा के साथ उन पर मंथन कर हल निकले यह धेय होना जरूरी है। राज्य के विकास के लिए सार्थक चर्चा सामूहिक भागेदारी से संभव है।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को नसीहत दी कि जनता के खातिर अपने विधायकों के लिए एक रेखा तय करे जिससे सदन सुचारु रूप से चले और चर्चा के माध्यम से जन हित के मुद्दों पर सहमति बन सके।

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