देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के दौरे के दौरान उनके कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए राज्य के सरकारी कर्मचारियों के दुरुपयोग की कड़ी निंदा की है।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि यह आमतौर पर देखा गया है कि राज्य में जितने भी भाजपा के कार्यक्रम हो रहे हैं उनमें सरकारी कर्मचारियों को जोड़ दिया जा रहा है ।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि सरकारी कर्मचारी भाजपा के कार्यकर्ता या नौकर नहीं है बल्कि वह सरकारी सेवक है अतः उनका भाजपा और संघ के कार्यक्रमों में उपयोग किया जाना नितांत अलोक तांत्रिक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को अपने कार्यकर्ताओं और संघ के कार्यकर्ताओं के दम पर अपने कार्यक्रम करने चाहिए लेकिन ऐसा लगता है कि सरकारी कर्मचारियों को भीड़ जुटाने की और भीड़ के रूप में शामिल होने की मशीनरी में शामिल कर दिया गया है।
उन्होंने कहा है कि हवाई अड्डे से लेकर तमाम कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को जोड़ दिया जा रहा है ।
उन्होंने कहा एक और तो भाजपा के विधायक सरकारी कर्मचारियों को पीटने पर लगे हैं और दूसरी तरफ भाजपाई कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए जबरदस्ती सरकारी कर्मचारियों को चालाकी करके भाजपा और संघ के कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए कहा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की इसकी कड़ी निंदा करती है।
उन्होंने चार दिन होने के बाद भी शिक्षा अधिकारी को पीटने वाले विधायक उमेश काउ को गिरफ्तार न किए जाने की निंदा की है और कहा है कि सरकार को उमेश को गिरफ्तार करने में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए क्योंकि राज्य के अंदर विधायकों के लिए अलग कानून और आम जनता के लिए अलग कानून नहीं हो सकता।
उन्होंने विधायक उमेश शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग एक बार फिर से दोहराई है और सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के उसे बयान को मजाक बताया है जिसमें उन्होंने कहा कि विधायक ने माफी मांग ली है तो उनको अधिकारियों के पीटने का अपराध से माफ कर देना चाहिए उन्होंने कहा यह शर्मनाक है।


