* 5 किलोमीटर दूरी में बैंकिंग सेवा के लिए 3 वर्षों में 34 नए डाकघर हुए स्थापित
देहरादून। प्रत्येक 5 किलोमीटर में बैंकिंग सेवा उपलब्धता लक्ष्य अनुशार, 3 वर्षों में 34 नए डाकघर स्थापित हुए हैं। संसद में दी जानकारी अनुशार, उत्तराखंड सर्किल के 1.70 लाख कार्यालयों को पूर्णतया डिजिटली इंटीग्रेड किया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने संसद के पटल पर उत्तराखंड के सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में डाक सेवा के आधुनिकीकरण और विस्तार को लेकर जानकारी मांगी गई थी। जिसके ज़बाब में
संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर में जानकारी दी कि सरकार ने वर्ष 2022-23 से आठ वर्ष की अवधि के लिए 5785 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ डाक विभाग की आईटी आधुनिकीकरण परियोजना 2.0 को अनुमोदन प्रदान किया है। उक्त परियोजना के अंतर्गत, विभाग ने नया ‘उन्नत डाक प्रौद्योगिकी’ प्लेटफॉर्म शुरु किया है। उत्तराखंड सर्कल सहित सभी 23 डाक सर्कलों के लगभग 1.70 लाख कार्यालय इंटीग्रेट किए गए हैं। इस परियोजना के अंतर्गत, उत्तराखंड सर्कल के सभी शाखा डाकघरों को एंड्राइड स्मार्टफोनों से लैस किया गया है। सेवा डिलीवरी को सुदृढ़ बनाने, बेहतर कनेक्टिविटी तथा क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने हेतु इन स्मार्टफोनों में इन-हाउस ‘डिजिटल रुरल एंटरप्राइज एप्लीकेशन फॉर मोबाइल ऐप इन्स्टॉल किया गया है। इसके अलावा, डाकघर बचत बैंक, कोर बैंकिंग सोल्यूशन प्लेटफॉर्म पर प्रचालनरत है। यह एटीएम, डीबीटी भुगतान, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एनईएफटी, आरटीजीएस, ई-पासबुक, और आईपीपीबी-पीओएसए लिंकेज के माध्यम से यूपीआई सेवाओं सहित आधुनिक डिजिटल सेवाएं प्रदान करता है। ये सेवाएं ग्रामीण डाकघरों के माध्यम से उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में भी पूरी तरह से उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि इसमें पांच किलोमीटर की दूरी के भीतर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से पिछले तीन वर्ष में उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में 34 नये डाकघर खोले गए हैं। पिछले तीन वर्ष में उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित तीन उप डाकघरों की अवसंचरना में सुधार कर उन्हें अपग्रेड किया गया है।

