* महिला आरक्षण बिल गिराने से लेकर जश्न के बाद धरने की नौटंकी कर रही कांग्रेस
* आधी आबादी का हक छीनने को बर्दाश्त नही करेगा महिला समुदाय
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि महिला आरक्षण पर खिलाफत मे वोट करने वाली कांग्रेस विस के बाहर धरने की नौटंकी कर रही है और महिला समुदाय इस आडंबर को बर्दाश्त नही करेगा।
चौहान ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण की राह में रोडा अटकाने वाले अब राज्यों में जनता का ध्यान भटकाना चाहते है। लेकिन जनता बहुत जागरूक और समझदार है। आधी आबादी के अपमान करने वाली कांग्रेस को जनता पूरी सजा देने की तैयारी मे है। महिलाओं के हक में रोड़ा अटकाना उनकी पुरानी फितरत है। कांग्रेस द्वारा महिला आरक्षण के मुद्दे पर दिया जा रहा यह धरना पूरी तरह से भ्रामक,आधारहीन और जनता को गुमराह करने वाला है। कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन केवल महिला मुद्दे पर अपनी खोई हुई राजनीतिक साख बचाने का एक असफल प्रयास है।
उन्होंने कहा कि 27 साल से लगातार मुद्दे को टाल रही कांग्रेस ने इस बार भी उस उम्मीद को धूमिल करने की कोशिश की जो मोदी सरकार ने आधी आबादी के हक मे जगायी थी।
जो आज विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण महिलाओं को देने की बात कर रहे हैं।
उन्होंने ही केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ वोट किया। इतना ही नहीं, महिला अधिकारों की हार को अपनी जीत बताकर जश्न भी मनाया। लिहाजा किस मुंह उनके प्रदेश के नेता आरक्षण के लिए विशेष सत्र की मांग कर रहे है। क्योंकि पहले तो उन्हें ऐसा करने का की नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने संसद में इस महत्वपूर्ण संशोधन के खिलाफ मतदान कर अपनी ‘महिला विरोधी’ मानसिकता का परिचय पहले ही दे दिया है। दूसरा पहलू यह कि संविधान में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने कभी भी महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार देने की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। आज जब भाजपा सरकार इसे धरातल पर उतारने की कोशिश कर रही है तो कांग्रेस इसमें हर तरीके से रोड़े अटकाने के लिए जोर आजमाइश कर रही है।
उन्होंने कहा उत्तराखंड की मातृशक्ति कांग्रेस की राजनैतिक मंशा को भली-भांति जानती है। वह बेहतर जानती है कि कौन उनके अधिकारों के लिए लड़ रहा है और कौन केवल राजनीति कर रहा है। बेहतर होता कि कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व अपने आलाकमान की नकारात्मक राजनीति छोड़कर महिला अधिकारों और विकास में हाईकमान को महिलाओं के हित मे भाव से अवगत करता। आरक्षण के बिल को गिराकर जश्न मनाने और विरोध मे उठे सुर देश ने सुने हैं और वह कांग्रेस की इस नौटंकी को बर्दाश्त नही करेगी।


