घोषित महिला प्रत्याशी का टिकट कटवा चुनाव लड़ने वाले, आरक्षण पर वादे कर रहे हैं: भट्ट

घोषित महिला प्रत्याशी का टिकट कटवा चुनाव लड़ने वाले, आरक्षण पर वादे कर रहे हैं: भट्ट

* महिला आक्रोश से डरी कांग्रेस के आरक्षण पर दावे असंवैधानिक, हास्यास्पद: भाजपा

* 2029 में भाजपा ही आएगी और महिलाओं आरक्षण भी लाएगी: भट्ट

देहरादून। भाजपा ने हरीश रावत और कांग्रेस नेताओं पर मातृशक्ति के आक्रोश से डर, महिला आरक्षण को लेकर असंवैधानिक, निरर्थक और हास्यास्पद दावे करने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने हरदा को आईना दिखाया कि जो 2022 में स्वयं चुनाव लड़ने के लिए महिला टिकट को कटवा चुके हैं उनके मुंह महिला आरक्षण के वादे अच्छे नहीं लगते। जनता ने 60 साल कांग्रेस के ऐसे झूठे वादे सुने और अब संसद में उनका ये महिला विरोधी चेहरा देख भी लिया है। आज जनता निश्चित है कि 2029 में भाजपा ही आएगी और महिलाओं के लिए आरक्षण भी लाएगी।

उन्होंने मीडिया के माध्यम से जा रही प्रतिक्रिया में कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा जो भी हास्यास्पद और हवाहवाई दावे किए जा रहे वो मातृ शक्ति के आक्रोश का परिणाम है। दरअसल सच यह है कि जिस तरह संसद के अंदर संपूर्ण विपक्ष द्वारा देश की आधी आबादी को उसके अधिकारों से वंचित किया गया, जनता विशेषकर महिलाएं बेहद गुस्से में है। यही वजह है कि कांग्रेस विधानसभा के स्तर से महिला आरक्षण लागू करने के संवैधानिक, निरर्थक और भ्रामक वादे कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच जो झूठ परोस रही है, उससे वो अपने कार्यकर्ताओं का ध्यान तो भटका सकती है लेकिन प्रदेश की बुद्धिमान जनता को नहीं भटका सकती है।

उन्होंने हरदा को महिला प्रत्याशियों के टिकट कटने का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि 2022 में हरीश रावत ने लालकुआं सीट पर चुनाव लड़ा, वो भी पार्टी द्वारा एक महिला प्रत्याशी का घोषित टिकट कटने के बाद। प्रदेश की महिलाओं ने उसी समय उनकी महिला विरोधी सोच को पहचान कर चुनाव में पराजित किया था। इतना ही नहीं, एक दूसरी सीट पर भी महिला की दावेदारी भी इनके पक्ष में खारिज की गई, वह बात और है कि वहां से उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। ऐसे में जनता अच्छी तरह से जानती है कि उनका और कांग्रेस का महिला आरक्षण की बात करना केवल पाखंड है।

वहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा स्तर पर आरक्षण लागू करना संवैधानिक रूप से संभव ही नहीं है। कांग्रेस नेता जनता को यह कहकर गुमराह कर रहे हैं कि वे इसे राज्य स्तर पर लागू करेंगे, जबकि यह अधिकार संसद के अधीन है। लेकिन कांग्रेस जनता और विशेषकर महिलाओं के गुस्से से बचने के लिए यह सब हवा हवाई और हास्यापद बातें कर रही है।

वहीं भाजपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने 60 साल तक सत्ता में रहते हुए महिला आरक्षण के लिए कुछ नहीं किया। जब भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए महिला आरक्षण का समर्थन किया, तब भी कांग्रेस की नीयत साफ नहीं थी और वे सदन से ही अपने सहयोगियों को आगे कर लोकसभा से भाग खड़े हुए।

भट्ट ने कांग्रेस की आरक्षण विरोधी मानसिकता को उजागर करते हुए कहा कि नेहरू से लेकर इंदिरा और राजीव गांधी तक, सभी आरक्षण के खिलाफ भाषण देते आए हैं। कांग्रेस ने दशकों तक ‘काका कालेलकर रिपोर्ट’ को दबाकर रखा और ओबीसी समाज को उनके हक से वंचित रखा। जनता अब कांग्रेस के इन ‘मुगालतों’ में आने वाली नहीं है। जिस पार्टी ने हमेशा वंचितों और महिलाओं के अधिकारों को बाधित किया हो, वह आज किस मुंह से आरक्षण की दुहाई दे रही है? जनता ने संसद में कांग्रेस का दोहरा चरित्र एक बार फिर देख लिया है।

उन्होंने कहा, आगामी चुनावों में अपनी निश्चित हार को देखते हुए कांग्रेस नेता बौखलाहट में हैं। 2029 की बातें करने वाले कांग्रेस नेता शायद यह भूल गए हैं कि जागरूक जनता अब उनके खोखले वादों और संवैधानिक रूप से असंभव दावों पर विश्वास नहीं करने वाली। वह पूर्णतया निश्चित है कि भाजपा ही एकमात्र पार्टी है ज़ो महिला आरक्षण को सुनिश्चित करवाएगी।

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