देहरादून। भाजपा सिर्फ राजनैतिक दल नहीं बल्कि सक्षम समाज से समर्थ राष्ट्र निर्माण का अनंत आंदोलन है। इस विचार के साथ पार्टी प्रशिक्षण वर्ग को सम्बोधित करते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा हमारा लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज का विश्वास जीतना भी होना चाहिए।
राजधानी के पटेल नगर में आयोजित देहरादून महानगर के प्रशिक्षण वर्ग में उन्होंने बदलती परिस्थितियों में मीडिया समन्वय की भूमिका पर कार्यकर्ताओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि बेशक आज भाजपा को विश्व के सबसे बड़े राजनैतिक संगठन के रूप में पहचाना जाता हो। लेकिन इससे इतर जो सच्चाई है कि हम केवल राजनैतिक नहीं बल्कि वृहद सामाजिक संगठन भी हैं। जब हम चुनावी राजनीति की दृष्टि से कुछ भी नहीं थे, तब भी देश समाज में जागरूकता और समन्वय में हमारे कार्यकर्ताओं की सबसे अधिक भूमिका रहती थी। आज भारत, पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के अभूतपूर्वक कार्यों से विकसित राष्ट्र की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन इस सबसे विपरीत, विपक्ष और समाज का एक छोटा वर्ग नकारात्मकता फैलाकर, जनता का भाजपा के प्रति विश्वास और विकसित भारत के प्रति आत्मविश्वास को तोड़ने में लगा रहता है।
उन्होंने कहा, सरकार के कार्यों को जन जन तक पहुंचाकर देश और प्रदेश में सकारात्मक माहौल निर्माण करने और नकारात्मक चर्चा पर विराम देने के लिए जनता में विश्वास बनाना जरूरी है। ये विश्वास प्रभावी और समसामयिक संवाद से बनता है। वर्तमान परिस्थितियों में इस संवाद को स्थापित करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। हमें सत्य, सकारात्मकता और संगठनात्मक अनुशासन के साथ मीडिया और सोशल मीडिया का उपयोग करना है, ताकि राष्ट्रहित की आवाज़ जन-जन तक पहुंचे।
हमे संज्ञान में रखना है कि भाजपा ने केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित एक विचार परिवार है, और मीडिया उस विचार को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। आज का युग तलवार का नहीं, विचार और सूचना की शक्ति का युग है। जो समाज तक सही बात समय पर पहुँचाता है, वही जनविश्वास अर्जित करता है। सूचना क्रांति के इस दौर में आज प्रत्येक कार्यकर्ता केवल कार्यकर्ता नहीं, बल्कि संगठन का संवाद दूत भी है।
मीडिया प्रबंधन का एक उद्देश्य ये भी होना चाहिए कि सरकार और संगठन की जनकल्याणकारी योजनाएँ सही रूप में अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें। आज सोशल मीडिया के फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब जैसे माध्यमों ने संवाद की शक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है। लेकिन जितनी बड़ी शक्ति है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है, जिसका हमे सदुपयोग करना है। एक गलत सूचना समाज में भ्रम फैला सकती है, एक असंयमित भाषा संगठन की छवि को नुकसान पहुँचा सकती है। इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को डिजिटल अनुशासन का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर कार्यकर्ता की भाषा ही संगठन की पहचान बनती है। हमें मीडिया के माध्यम से केवल प्रतिक्रिया की राजनीति नहीं करनी है। बल्कि हमें सकारात्मक राजनीति का संदेश भी देना है। मीडिया से स्वस्थ संबंध बनाते हुए, लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण स्तंभ हैं का हमें सम्मान करना चाहिए। उन्हें समय पर तथ्यात्मक जानकारी देना और संवाद को विश्वास के आधार पर मजबूत करना चाहिए।
अफवाहों के दौर में सत्य और संयम सबसे बड़ी शक्ति है जिसे मीडिया के सभी तंत्रों द्वारा मजबूती से स्थापित करना है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा, हमें अंगीकार करना होगा कि हमारा लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज का विश्वास जीतना भी होना चाहिए। इसी दृष्टि से मीडिया के माध्यम से जनता से संवाद करते हुए हमें अपने सभी राजनैतिक एवं सामाजिक लक्ष्यों को प्राप्त करना है।


