देहरादून। देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में देश के 28 प्रमुख शहरों का चयन किया गया है, जिनमें देहरादून भी शामिल है।

अभियान के प्रथम चरण में 40 दिनों तक देशभर में व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 24 जून को 28 शहरों में पहले ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा राष्ट्रव्यापी प्रेस वार्ता का आयोजन किया जा चुका है, इसी कड़ी में 1 अगस्त को राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह तथा 9 अगस्त को “दिल्ली चलो – संसद घेराव” कार्यक्रम में देशभर से युवा एवं छात्र भाग लेंगे।

देहरादून अभियान के संयोजक पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा भुल्लर को बनाया गया है। बेहतर समन्वय के लिए वैभव वालिया एवं महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला को दायित्व सौंपा गया है। अभियान के सफल संचालन हेतु 50 सदस्यीय एक्शन टीम का गठन किया गया है, जिसमें कांग्रेस के विभिन्न विभागों एवं प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
इसी संदर्भ में आज उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में चयनित 50 सदस्यों का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। आगामी 40 दिनों की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए कॉर्नर मीटिंग, पंपलेट वितरण, युवा संवाद, संविधान संवाद, कवि सम्मेलन, मुशायरा तथा सप्ताहांत में बड़े युवा कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति साझा की गई।
प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ कार्यक्रम संयोजक सुमित्रा भुल्लर ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए किया।राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया ने आज का ट्रेनिंग सेशन लेते हुए कोटा में राहुल गांधी द्वारा युवाओं के साथ किए गए संवाद का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज देश का सबसे बड़ा संकट केवल बेरोजगारी नहीं, बल्कि युवाओं का व्यवस्था पर से उठता विश्वास है। वर्षों की मेहनत के बाद जब पेपर लीक होते हैं, परीक्षाएं निरस्त होती हैं और ईमानदार छात्रों का भविष्य दांव पर लग जाता है, तब केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि लाखों सपने टूटते हैं।
बैठक में कहा गया कि आकांक्षा और रिया कुमारी थापा जैसी दर्दनाक घटनाएं केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रतीक हैं। नकल माफिया और भ्रष्टाचार ने युवाओं की मेहनत का मजाक बना दिया है। शिक्षा आज सेवा नहीं, बल्कि वसूली का माध्यम बनती जा रही है, जबकि गुणवत्तापूर्ण और सस्ती शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है।
बैठक में राहुल गांधी के कोटा संदेश को दोहराते हुए कहा गया कि “भारत का हर युवा प्रतिभाशाली है, उसे अवसर चाहिए, अवरोध नहीं।” कांग्रेस पार्टी ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहती है जो युवाओं को सम्मान, अवसर और भरोसा दे, न कि तनाव, असुरक्षा और निराशा।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकतम युवाओं तक पहुंचने तथा इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण सत्र के अंत में ज्योति रौतेला ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आगामी कार्यक्रमों को पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ सफल बनाने का आह्वान किया।
कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि यह केवल पेपर लीक का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य, विश्वास और सम्मान का प्रश्न है। कांग्रेस पार्टी युवाओं की आवाज़ को दबने नहीं देगी और शिक्षा एवं रोजगार के सवाल पर सरकार को लगातार जवाबदेह बनाएगी।
“हम ऐसा भारत बनाना चाहते हैं, जहाँ किसी युवा को अपने सपनों की कीमत अपनी जान देकर न चुकानी पड़े। युवाओं के सपनों की रक्षा करना ही राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा दायित्व है।”
कार्यक्रम में अनुसूचित विभाग के राष्ट्रीय संयोजक नानकचंद , मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी, जनजातीय समुदाय से अशोक राणा, देहरादून पछुआदून जिलाअध्यक्ष संजय किशोर, महानगर अध्यक्ष जसविंदर गोगी, परवादून जिलाअध्यक्ष मोहित उनियाल, विनीत प्रसाद बंटू ओमप्रकाश सती, अभिनव थापर, अनुसूचित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मदनलाल, ओबीसी प्रकोष्ठ के आशीष सैनी, निधि नेगी,पूनम सिंह समेत अलग अलग विभागों के एक्शन टीम के 50 सदस्य मौजूद थे।

