* अनेकों मुद्दों पर कांग्रेसी झूठ की खुली पोल, जनता 2027 में सिखाएगी सबक
देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस पर नफरत की दुकान लगाकर झूठ का सामान बेचने का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, अब तक अनेकों मुद्दों पर झूठ और अफवाह फैलाने को लेकर कांग्रेस नेताओं की पोल खुली है और जिसका खामियाजा उन्हें जनता की अदालत में उठाना पड़ेगा।
हाल में कांग्रेस विधायक के पुत्र द्वारा किए षडयंत्र पर चिन्ता व्यक्त करते करते हुए उन्होंने इसकी कड़ी आलोचना की है। निशाना साधते हुए कहा, पिछले कई दिनों से सभी कांग्रेस नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए बढ़चढ़ कर बयानबाजी कर रहे थे। धरना प्रदर्शन, शहर बंद करने की धमकी, और ये सब कांग्रेस बिना किसी जांच और तथ्यों के कर रही थी। सरकार द्वारा बार बार अनुरोध किया गया कि पुलिस दोषियों को शीघ्र पकड़ लेगी, तब तक राजनीति कर माहौल खराब न किया जाए। लेकिन एक भी विपक्षी नेता ने नहीं सुनी, अब जब सच सामने आ गया है तो उन सभी को सांप सूंघ गया है। किसी एक कांग्रेस नेता ने सामने आकर अपनी गलतियां नहीं स्वीकारी, जिन्होंने स्वीकारी वह सिर्फ परिवार की शर्मिंदगी ढकने के लिए। वहीं सवाल किया कि कांग्रेस नेताओं के गैरजिम्मेदार रुख से यदि माहौल खराब हो जाता तो कौन उसका कसूरवार होता।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुहब्बत की दुकान चलाने का दावा करने वाली कांग्रेस, नफरत की दुकान चलाती है, जिसमें सिर्फ झूठ का सामान बिकता है। देश की तरह, उत्तराखंड में भी लंबी फेरहिस्त है कांग्रेस द्वारा झूठ और भ्रम पर आधारित घटनाक्रमों की। इससे पूर्व भी अंकिता के दोषियों को उम्रकैद के बाद भी विपक्ष ने अपुष्ट वायरल वीडियो के आधार पर शंका का माहौल बनाया था। अब सरकार द्वारा परिवार की सहमति से सीबीआई जांच और वीडियो के कैरेक्टरों का सामने आकर बयान देने से उनकी पोल खुल गई है। इसी तरह जब इनके नेताओं के खिलाफ जांच हुई तो केंद्रीय एजेंसी खराब और अन्य मामलों में जांच की मांग करना, चारधाम यात्रा डाइवर्ट को लेकर गढ़वाल कुमाऊं के बंटवारे की राजनीति करना, अनावश्यक मुद्दों को उठाकर पहाड़ मैदान की राजनीति करना, नकलविहीन एवं पारदर्शी भर्तियों पर झूठ फैलाना, जांच रिपोर्ट एवं व्यवहारिकता से परे सोना चोरी का आरोप लगाकर केदार धाम की छवि खराब करना, आपदा बचाव को लेकर अफवाह एवं भ्रम फैलना, विकास एवं कानून व्यवस्था के कूटरचित आंकड़ों से प्रदेश की बदनामी करना, अवैध धार्मिक कब्जों को राजनैतिक शह देना, उत्तराखंडियत की बात करना और यूसीसी, धर्मांतरण कानून और डेमोग्राफी नियंत्रण की कोशिशों का विरोध करना। ऐसे अनगिनत मामले हैं जिनको लेकर फैलाए कांग्रेसी झूठ का पर्दाफाश हो चुका है। उसमें भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार और संगठन से इस कदर नफरत करना कि प्रदेश के माहौल, सामाजिक सौहार्द, धार्मिक स्थलों और परंपराओं को भी दांव पर लगाना।
वहीं तंज किया कि ऐसे खुलती पोल को देखकर ही जनता बार बार चुनावों में कांग्रेस का डिब्बा गोल कर रही है। लेकिन लगता है कांग्रेस ने सबक नहीं लेने की कसम खाई हुई है। लिहाजा भाजपा भी राज्यहित में कोई राजनीतिक रियायत नहीं बरतेगी और 27 के चुनावों में प्रचण्ड जीत दर्ज करेगी।


