पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने पौड़ी जनपद के नैनीडांडा विकासखंड के 90 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को स्थानीय पुलिस द्वारा पंचायत चुनाव को देखते हुए 107/16 की धारा में शांति भंग के नोटिस दिए जाने का कड़ा विरोध किया है।
राज्य के निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार को लिखे पत्र में धीरेंद्र प्रताप ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हनन बताते हुए निर्वाचन आयोग से यह मुकदमे तत्काल वापस लिए जाने और स्थानीय पुलिस अधिकारी को इस मामले में दंडित किए जाने की मांग की है।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि यह ना केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बल्कि पंचायत चुनाव में चुनाव लड़ रहे नेताओं तक को भी 107 /16 में नोटिस दिए गए हैं और उनसे मुचलके भरे गए हैं । राजनीतिक कार्यकर्ताओं का सरासर उत्पीड़न है।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि जो लोग समाज का नेतृत्व करते हैं उन्हीं को शांति भंग का दोषी बताया जाना कहां का विवेकशील फैसला है।
उन्होंने कहा यह लोग भविष्य में जब जीत जाएंगे तो जिले के विकास में जिला पंचायत और बीडीसी और ग्राम स्तर पर प्रधान के रूप में क्षेत्र के विकास का दायित्व संभालेंगे। ऐसे लोगों को शांति भंग का दोषी मानना एक तरह से उनको अपराधी ठहरना है।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए और यहा जो 90 लोगों को नोटिस दिए गए हैं ये तत्काल बाईज्जत वापस लिए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा इन लोगों के जब एक बार नाम आ जाते हैं तो यह सदैव के लिए चुनाव के समय पर नोटिस पाने के हकदार मैन दिए जाते हैं और इस तरह से उनकी हिस्ट्रीशीर बना दी जाती है।
उन्होने कहा कांग्रेस इस तुगलकी आदेश का कडाई से विरोध करेगी और आयोग नाम आना तो इसके विरुद्ध जबरदस्त आंदोलन करेगी।
इस बीच धीरेंद्र प्रताप ने अल्मोड़ा के जाने-माने पत्रकार लेखक आंदोलनकारी नरेंद्र रौतेला के निधन पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है उन्होंने कहा उन्होंने अल्मोड़ा के विकास के लिए बहुत त्याग किया और पत्रकारिता जगत में भी उनका प्रदर्शन बहुत उल्लेखनीय था।
उन्होंने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी नेता वीएस अच्युतानंदन के निधन पर भी दुख व्यक्त किया है और कहा है कि उन्होंने देश में लोकतंत्र के संघर्षों में लंबी लड़ाई लड़ी।


