देहरादून। सोमवार रातभर हुई भारी वर्षा और सहस्त्रधारा क्षेत्र में बादल फटने की घटना के चलते करलिगाड़ नदी ने विकराल रूप ले लिया। तेज़ बहाव के कारण करलिगाड़ का एक पुल बह गया। नदी किनारे बनी दर्जनों दुकानों को भारी क्षति पहुँची है।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने रात्रि में ही रेस्क्यू और राहत कार्य शुरू कर दिए। डीएम सविन बंसल ने घटना की जानकारी मिलते ही स्वयं कमान संभाली और सभी संबंधित विभागों से समन्वय कर तत्काल कार्यवाही शुरू कर दी।

रात में ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, लोनिवि तथा अन्य विभागों के साथ जेसीबी और आवश्यक उपकरणों सहित राहत टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।

प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी खोजबीन जारी है। साथ ही, आपदा की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। आईआरएस प्रणाली के तहत समन्वय कर राहत कार्य तेज़ गति से चलाए जा रहे हैं।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम कुमकुम जोशी रात में ही घटनास्थल पर पहुँचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
यह घटना क्षेत्र में भारी नुकसान लेकर आई है, लेकिन प्रशासन की तत्परता से राहत कार्य जारी हैं। लापता लोगों की खोज के साथ प्रभावित परिवारों को सहायता पहुँचाने का कार्य प्राथमिकता पर रखा गया है।
वहीं देहरादून के टपकेश्वर के पास भगत सिंह कॉलोनी में एक शिखर फॉल में चार लोगों के बहने की जानकारी जामने आ रही है। रेस्क्यू टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।


