रुद्रप्रयाग। लगातार हो रही बारिश से हालात गंभीर हो गए हैं, भारी बारिश और अतिवृष्टि से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बादल फटने, भूस्खलन और मलबा आने से जन-जीवन प्रभावित हुआ है।
चमोली, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी है। श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, वहीं सिरोबगड़ सहित कई स्थानों पर राजमार्ग बंद होने से यातायात पूरी तरह बाधित है।
देवाल के मोपाटा गांव में बादल फटने से तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए। दो लोग मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए हैं। घटना में कई आवास और गोशालाएं दब गईं, जबकि 15 से 20 मवेशियों के दबने की भी सूचना है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि राजस्व, स्वास्थ्य, विद्युत, जल संस्थान, जल निगम, पीडब्ल्यूडी और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें राहत व बचाव कार्य के लिए भेजी गई हैं।
भिलंगना विकासखंड में जोरदार बारिश से बालगंगा और धर्मगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नैलचामी क्षेत्र में भूस्खलन से ठेला गांव के मयाल गाड़ में आए मलबे ने पुलिया, गुलों और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया। गेंवाली भिलंगना में भी बीती रात बादल फटा,हालांकि यहां जनहानि की सूचना नहीं है।
रुद्रप्रयाग जिले में भी बादल फटने की सूचना है। प्रशासन ने त्वरित राहत और नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें मौके पर भेज दी हैं। कई स्थानों पर सड़कों के अवरुद्ध होने और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। श्रीनगर में अलकनंदा का जलस्तर खतरे के करीब पहुँच गयी है। भारी बारिश और भूस्खलन से राज्यभर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। सिरोबगड़ सहित कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमें मलबा हटाने और मार्ग खोलने में जुटी हुई हैं।
बागेश्वर जिले के कपकोट विकासखण्ड के ग्राम पौंसारी में गुरुवार देर रात भारी वर्षा और बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी। इस आपदा में कई घर क्षतिग्रस्त हुए, खेत और पशुधन भी प्रभावित हुए हैं।
जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नैनीताल से भी मुख्यमंत्री ने बारिश और सड़कों की स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव श्री शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।