देहरादून। पूरे प्रदेश के पेयजल कार्मिकों ने मंगलवार को देहरादून में एकत्रित हुए और हजारों की संख्या में कार्मिको ने रैली निकाल कर विधानसभा कूच किया। शान्तिपूर्ण रैली उपरान्त विधानसभा स्थित वैरीकैंडिग पर संयुक्त मोर्चा द्वारा एसडीएम योगेश मेहरा को ज्ञापन सौपा गया।
ज्ञापन द्वारा शीघ्र निम्न मांगो के निस्तारण हेतु अनुरोध किया गया कि उत्तराखण्ड पेयजल निगम एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान का राजकीयकरण करते हुये एकीकरण किया जाये। UUSDA द्वारा कराये जा रहे समस्त पेयजल/सीवरेज निर्माण कार्य उत्तराखण्ड पेयजल निगम के माध्यम से कराये जाये तथा उक्त कार्यों का अनुरक्षण/संचालन कार्य उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा ही किया जाये तथा शहरी विकास विभाग में वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर तैनात अभियन्ताओं को तत्काल उनके मूल विभाग में वापिस भेजा जाये व शहरी विकास विभाग द्वारा ADB से लिये गये लोन के सापेक्ष कराये गये समस्त पेयजल/सीवरेज कार्यों की जांच एसआईटी गठित करके करायी जाये।
इससे पूर्व सोमवार देर सांय सचिव पेयजल, उत्तराखण्ड शासन अरविन्द सिंह ह्यांकी एवं अपर सचिव पेयजल, उत्तराखण्ड शासन रणवीर सिंह चौहान द्वारा संयुक्त मोर्चा को वार्ता हेतु आमंत्रित किया गया था। उक्त वार्ता में शासन द्वारा अवगत कराया गया कि मोर्चा की मांगों पर शासन, सरकार गम्भीर है तथा मुख्यमंत्री द्वारा भी शीघ्र मांगों पर कार्यवाही हेतु निर्देश दिये गये है। मुख्यमन्त्री के दिये गये निर्देशों पर शासन स्तर पर कार्यवाही शीर्ष प्राथमिकता पर की जा रही है। अतः अनुरोध किया गया कि रैली उपरान्त प्रस्तावित कार्यबहिष्कार/हडताल न की जाए।
रैली उपरान्त मोर्चा की उच्चाधिकार समिति की बैठक आहूत की गयी। जिसमें मोर्चा पदाधिकारियों द्वारा यह निर्णय लिया गया कि वर्तमान में जल जीवन मिशन कार्यों के समयबद्ध होने के दृष्टिगत तथा पेयजल व्यवस्था अस्त-व्यस्त न हो और आम जनता को परेशान न हो, के दृष्टिगत कार्यबहिष्कार / हडताल वर्तमान में नहीं किया जायेगा। पूर्व से जनपदों में जारी धरना कार्यक्रम भी वर्तमान में स्थगित कर दिया जायेगा।
परन्तु जल संस्थान/जल निगम मुख्यालय स्तर पर प्रतिदिन 02 घण्टे का सांकेतिक धरना कार्यक्रम जारी रखा जाएगा। यदि आचार संहिता लागू होने से पूर्व मांगों का निस्तारण करते हुए शासनादेश जारी नहीं किया जाता है तो आचार संहिता लागू होते ही धरना कार्यक्रम को स्थगित कर दिया जाएगा तथा आचार संहिता हटते ही पुनः उक्त धरना कार्यक्रम को यथावत् प्रारम्भ कर दिया जाएगा।
रैली में जितेन्द्र सिंह देव, रमेश बिंजोला, विजय खाली, संजय जोशी, शीतल शाह, अजय बैलवाल, रामकुमार, श्याम सिंह नेगी, संदीप मल्होत्रा, श्री रामचन्द्र सेमवाल, श्री लाल सिंह रौतेला, श्री शिशुपाल सिंह रावत, लक्ष्मी नारायण भटट्, आनन्द सिह राजपूत, मनमोहन सिंह नेगी, विनोद सिंह, आशीष तिवारी, धन सिंह चौहान, कुलदीप सैनी, जगत सिंह, रमेश चन्द्र शर्मा, श्रीमती सरिता नेगी सहित हजारों संख्या में कार्मिक शामिल रहे।

