देहरादून। उत्तराखंड में आयुष आधारित स्वास्थ्य पर्यटन योजना से रोजगार अवसरों की सेहत में सुधार आने लगा है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र द्वारा पूछे गए सवाल के ज़बाब में केंद्र सरकार ने बताया कि 27 ऐसी परियोजनाओं के कार्यशील होने से 1285 रोजगार के नए प्रत्यक्ष अवसर सृजित हुए हैं।
राज्यसभा के पटल पर भट्ट द्वारा उत्तराखंड में आयुष आधारित स्वास्थ्य पर्यटन की योजनाओं की प्रगति को महत्वपूर्ण जानकारी मांगी गई। जिसके ज़बाब में आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि राज्य में आयोजित निवेशक शिखर सम्मेलन 2023 के परिणामस्वरूप, राज्य में कुल 27 आयुष-आधारित स्वास्थ्य पर्यटन परियोजनाओं की परिकल्पना की गई है। उन्हें कार्यशील करते हुए निवेशकों द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों के अनुसार, इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए 1,285 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
इसी तरह उत्तराखंड में नये आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय और अनुसंधान संस्थान को लेकर मांगी जानकारी पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन की केंद्रीय प्रायोजित योजना के तहत, उन राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों की सरकारों को आयुर्वेद सहित नए आयुष महाविद्यालयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान है, जहां सरकारी क्षेत्र में आयुष शिक्षण संस्थानों की उपलब्धता अपर्याप्त है। तदनुसार, राज्य, संघ राज्य क्षेत्र, एनएएम के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अपनी राज्य वार्षिक कार्य योजनाओं के माध्यम से उपयुक्त प्रस्ताव प्रस्तुत करके अपने लिए ऐसी वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद एक स्वायत्त संगठन है, जो रानीखेत (तारीखेत) में स्थित अपने क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान नामक परिधीय इकाई के माध्यम से उत्तराखंड राज्य सहित देश भर में प्रमुख अनुसंधान गतिविधियों का संचालन करता है।

