देहरादून। चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरादेवी के जन्म शताब्दी वर्ष 2025 को व्यापक रूप से मनाए जाने हेतु ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा जनाभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत मार्च माह में “चिपको चेतना यात्रा” निकालकर पूरे उत्तराखंड में गौरा देवी जन्म शताब्दी महोत्सव आयोजित करने का बिगुल बजाया गया।
वृक्षों से चिपककर उनकी रक्षा करने वाली आदिवासी महिला माता गौरादेवी ‘चिपको आंदोलन’ के रूप में पर्यावरण संरक्षण के संदेश को देश दुनिया तक पहुंचाकर वृक्षांदोलन की प्रणेता बनीं, उनके पर्यावरणवादी त्याग और समर्पण को ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने गंभीरता से लेकर भारत सरकार एवं उत्तराखंड सरकार के सम्मुख गौरा देवी के जन्म शताब्दी वर्ष को स्मृतिपरक बनाए जाने का आव्हान किया।
राष्ट्रपति के समक्ष याचिका प्रस्तुत कर वर्ष 2025 को गौरादेवी जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मनाए जाने की मांग की गई, जिसे स्वीकार कर भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी हुए हैं। भारत सरकार एवं उत्तराखंड सरकार दोनों ही पिटीशन निस्तारण करने हेतु गंभीर हैं, सरकारों द्वारा समुचित प्रयासरत होकर प्रस्तावित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह जानकारी पिटिशनर ग्रीन मैन ऑफ इंडिया विजयपाल बघेल ने दी।
ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ग्रीनमैन विजयपाल बघेल ने बताया कि पिटीशन के माध्यम से चिपको स्मृति गांव रैणी को ‘राष्ट्रीय धरोहर’ घोषित करने, चिपको स्मृति स्थल नीति घाटी की उच्च चोटी का नामकरण ‘गौरादेवी चोटी’ करने, मरणोपरांत गौरादेवी को राष्ट्र का सर्वोच्च सम्मान दिलाने, चिपको स्मृति स्थल पर ‘गौरादेवी पर्यावरण शोध संस्थान’ स्थापित करने, गौरादेवी के नाम से राष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कार घोषित करने, गौरादेवी के जन्मदिवस पर गौरादेवी जन्म शताब्दी महोत्सव आयोजित किए जाने के अलावा ‘ गौरादेवी वाटिका’ विकसित करने वाली मांग राष्ट्रपति के सम्मुख 9 जुलाई 2025 को प्रेषित की गई जिसे राष्ट्रपति सचिवालय ने पिटीशन संख्या पी 1/डी/202507223638 के माध्यम से दिनांक 29 जुलाई 2025 को स्वीकार कर भारत सरकार के पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति सचिवालय के नोटिस पर पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार ने एफ.नं. एफ.12- 17/2024बी.1(एनएईबी)भाग(1) के द्वारा दिनांक 12 अगस्त 2025 को उत्तराखंड वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं एचओएफएफ को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
ग्रीनमैन विजयपाल बघेल ने बताया कि गौरादेवी जन्म शताब्दी वर्ष से संबंधित राष्ट्रपति सचिवालय की याचिका में उल्लिखित मांगों के निदान हेतु उत्तराखंड सरकार गंभीरता से विचार करके एक व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर रही है, इसकी प्रगति संबंधी जानकारी उत्तराखंड वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष डॉ समीर सिन्हा से भेंटकर मिली। गौरादेवी जन्म शताब्दी महोत्सव आयोजित करने की तैयारियों शुरू हो गई हैं।