देहरादून। सोशल मीडिया पर द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट के एक वीडियो वायरल होने पर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने प्रतिक्रिया दी है। दसौनी ने कहा की मुख्यमंत्री सिर्फ बीजेपी के नहीं समस्त प्रदेशवासियों के होते हैं, ऐसे में विधायक मदन बिष्ट की विधानसभा में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगा हुआ था और वहां से निर्वाचित विधायक होने के नाते मदन बिष्ट को प्रोटोकॉल के तहत उस कार्यक्रम में उपस्थित होना था।
गरिमा ने कहा कि वैसे भी हमारी संस्कृति “अतिथि देवो भव “की है, वैचारिक मतभेद अपनी जगह पर हैं पर जब मुख्यमंत्री मदन बिष्ट की विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे तो स्थानीय विधायक और मेजबान होने के नाते यह मदन बिष्ट का कर्तव्य बनता था कि वह प्रदेश के मुखिया के सत्कार और स्वागत में कोई कमी ना रखें। दसौनी ने जानकारी देते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक मदन बिष्ट ने प्रदेश के मुखिया से अपने क्षेत्र में एक स्पेशियलिटी अस्पताल स्वीकृत करने का निवेदन किया उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि द्वाराहाट के लोगों को दुख बीमारी में या तो अल्मोड़ा या हल्द्वानी या फिर देहरादून ले जाना पड़ता है ऐसे में एक अच्छा अस्पताल यदि उनकी खुद की विधानसभा में खुल जाएगा तो वह स्वयं अपने क्षेत्र की जनता के साथ धन्यवाद और आभार स्वरूप मुख्यमंत्री धामी का जयकारा लगाएंगे। गरिमा ने कहा कि मदन बिष्ट की इसी बात को सोशल मीडिया पर तोड़ मरोड़ कर चलाया जा रहा है।
गरिमा ने कहा की मदन बिष्ट कांग्रेस के नेता होने के साथ-साथ द्वाराहाट विधानसभा के निर्वाचित विधायक हैं और द्वाराहाट की सम्मानित जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी, जवाबदेही और प्रतिबद्धता सर्वोपरि है। ऐसे में प्रदेश का हर विधायक चाहता है कि उसके क्षेत्र में सर्वाधिक विकास और जनहित के कार्य हों,इसी कड़ी में मदन बिष्ट की भी प्रदेश के मुखिया से यही अपेक्षा है।
गरिमा ने यह भी कहा की उत्तराखंड कांग्रेस को गर्व है की मदन बिष्ट एक जनप्रतिनिधि के तौर पर खरे उतरे हैं और उन्होंने अपने वैचारिक मतभेद को क्षेत्रीय जनता के विकास के आढ़े नहीं आने दिया।