* सूचना तंत्र “रूटीन मोड” में नहीं चलेगा—यह तेज, पेशेवर और जनता-केंद्रित होगा : बंशीधर तिवारी
देहरादून। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने जिला सूचना अधिकारियों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह साफ कर दिया कि अब सूचना तंत्र “रूटीन मोड” में नहीं चलेगा—यह तेज, पेशेवर और जनता-केंद्रित होगा। बंशीधर तिवारी की कार्यशैली की धार इसी में दिखती है कि वे सिर्फ निर्देश नहीं देते, बल्कि हर अधिकारी को यह अहसास कराते हैं कि सूचना विभाग सरकार की आवाज ही नहीं, जनता का भरोसा भी है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि योजनाएँ तभी प्रभावी बनती हैं, जब उनकी सही, समयबद्ध और सटीक जानकारी जनता तक पहुँचे। इसी सोच के साथ उन्होंने जिला स्तर पर मीडिया संबंधों को और मजबूत करने, संवाद को सहज बनाने और पत्रकारों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
तिवारी के निर्देशों की धार..
* सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों का प्रचार रचनात्मक, तथ्य-आधारित और जिम्मेदाराना हो।
* जनता से जुड़ी सक्सेस स्टोरी और प्रेरक सामग्री नियमित रूप से सामने लाई जाए।
* किसी भी तरह की अपुष्ट, अधकचरी या भ्रामक सूचना से विभाग की विश्वसनीयता को आंच न आने दी जाए।
यह केवल बैठक नहीं थी यह विभाग की भविष्य की दिशा तय करने वाला संदेश था। स्पष्ट संकेत है कि बंशीधर तिवारी एक ऐसा सूचना तंत्र खड़ा करना चाहते हैं जो..
* तेज़ भी हो,
* विश्वसनीय भी हो,
* और पूरी तरह जनता की आवाज़ को केंद्र में रखने वाला भी। यही उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी शक्ति है साफ विज़न, सख्त प्राथमिकताएँ और नतीजों पर सीधा फोकस।


