खनन और शराब माफियाओं की सरंक्षक रही हरदा सरकार: भट्ट

खनन और शराब माफियाओं की सरंक्षक रही हरदा सरकार: भट्ट

* शराब-खनन में राजस्व वृद्धि और माफिया सफाए की तकलीफ है कांग्रेस को

* कांग्रेस के दागदार इतिहास के मुकाबले भाजपा का कार्यकाल बेदाग

देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब भाजपा वर्षवार रिपोर्ट कार्ड समाने रखती हैं तो कांग्रेस अपने किए पर माफी मांगकर भी पलट जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेशक अपने काले कारनामे याद नही करना चाहती है, लेकिन जनता की याददाश्त बहुत तेज है।आज हरीश रावत अपनी सरकार के उन कामों पर बहस चाहते हैं जिनपर 2022 चुनाव में वे जनता से माफी मांग चुके हैं और नकारे भी गए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने हरदा और कांग्रेस नेताओं द्वारा बार बार शराब और खनन नीति को लेकर झूठे आरोपों पर जबरदस्त पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की कुशल नीति और सख्त प्रबंधन के चलते शराब और खनन जैसे क्षेत्र भी राज्य की आर्थिकी का बड़ा स्रोत बन गए हैं। कांग्रेस की सरकारों ने जिस खनन व्यवसाय को माफियाओं की जागीरदारी बनाकर अपने नेताओं के पेट भरने का काम किया। आज वही खनन प्रदेश के राजस्व में बड़े सहयोगी के रूप में स्थापित हुआ है। केंद्र द्वारा भी हमारे काम को देखते हुए लगातार दो बार दो सौ करोड़ रुपए का इनाम दिया है जो कांग्रेस सरकारों के कुल खनन राजस्व से भी अधिक है। आज शराब की नीतियों को बनाने से लेकर उसके क्रियान्वहन तक में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से काम हो रहा है। नतीजा ये है कि माफियाओं का शराब कारोबार से पूरी तरह सफाया हो गया है।

उन्होंने तंज कसा, कांग्रेस की यही तकलीफ है कि उनके द्वारा पनपाए गए शराब और खनन माफिया अब मैदान से पूरी तरह साफ हो गए हैं। धामी सरकार के इन दोनों क्षेत्रों में किए गए जा रहे प्रयासों से आज जनता बेहद प्रसन्न है। क्योंकि राज्य ने तो वह दौर भी देखा है जब कांग्रेस सरकारें खनन और शराब की नीतियां माफियाओं के साथ बैठकर बनती थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सचिव कैमरे पर शराब पर माफियाओं के साथ रणनीति बनाते नजर आए। शराब के ब्रांड में एकाधिकार का दौर यदि किसी सरकार में नजर आया तो वह भी हरीश रावत सरकार थी। इसी तरह मिट्टी से सोना बनाने वाले अपने चहेतों को लाभ दिलाने के लिए हरदा ने रातों-रात पतित पावनी गंगा नदी को नाले में दर्ज करा दिया था।

उन्होंने हैरानी जताई कि ऐसे तमाम मुद्दों पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए स्वयं पूर्व सीएम ने 2022 के चुनाव में जनता से माफ करने की अपील तक की थी। लेकिन देवभूमि की समझदार और दूरदर्शी जनता ने उनकी गलती को पाप मानकर आजीवन नकारे जाने की सजा दी थी। कांग्रेस की नीयत इसी मे दिखती है कि पहले 2017 में अपनी सरकार के तमाम मुद्दों को सही ठहराते हुए चुनाव लड़ते हैं और हारते हैं। फिर 2022 में उन्हीं कामों को गलत मानते हुए माफी मांगते हैं और हारते हैं। अब एक बार फिर 2027 चुनाव के लिए उन्हीं गलत कामों को हमारा झूठ बता रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्षवार रिपोर्ट कार्ड को चेक कर रही है, वहीं 2017 में फेल तत्कालीन रिपोर्ट कार्ड पर बहस करना चाहते हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि कांग्रेस की यह सीनाजोरी पुनः काम नहीं आने वाली है और परिणाम भाजपा सरकार की हैट्रिक के रूप में सामने आएगा।

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