राज्यसभा सांसद भट्ट ने सदन में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति का मुद्दा उठाया

राज्यसभा सांसद भट्ट ने सदन में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति का मुद्दा उठाया

देहरादून। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सदन में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति का मुद्दा उठाया है। जिसके ज़बाब में सरकार ने बताया कि अब तक इस प्रोजेक्ट में 90 फीसदी से अधिक सुरंग मार्ग का निर्माण पूरा हो गया है।

उन्होंने उच्च सदन में अतारंकित प्रश्न संख्या 3275 में पूछा कि इस रेल परियोजना में कुल कितनी सुरंगों का निर्माण किया जाना था तथा कितनी सुरंगों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है; और प्रतावित रेल लाईन के कार्य को पूर्ण करने की समय-सीमा क्या है?

जिसके उत्तर में रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौ‌द्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरफ से बताया गया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन परियोजना जिसकी लंबाई 125 किमी है, हिमालय के कठिन भूवैज्ञानिक और चुनौतीपूर्ण भूभाग से गुजरती है। इस परियोजना का उ‌द्देश्य उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को बदलना है, जिसका संरेखण उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरता है वहीं इससे ऋषिकेश और भारत की राष्ट्रीय राजधानी के साथ देवप्रयाग और कर्णप्रयाग धार्मिक और पर्यटक स्थलों को रेल संपर्कता मुहैया होगी।

यह परियोजना मुख्यतः सुरंगों से होकर गुजरती है। जिसमें 105 कि.मी. लंबाई की 16 मुख्य लाइन सुरंगों और लगभग 98 कि.मी. लंबाई की 12 बचाव सुरंगों का निर्माण शामिल है। अब तक, 94 कि.मी. लंबाई की 9 मुख्य लाइन सुरंगों और 88 कि.मी. से अधिक लंबाई की 8 बचाव सुरंगों का कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं निर्माण कार्यों की प्रगति बढ़ाने के लिए, विभिन्न सुरंगों में 8 प्रवेश मार्गों को भी चिह्नित किया गया है। इन प्रवेश मार्गों से सुरंग की खुदाई के लिए अतिरिक्त कार्य क्षेत्र बनाए गए हैं

वहीं प्रश्न संख्या 2984 के तहत उन्होंने देहरादून जनपद में ऋषिकेश में श्यामपुर के पास वैली ब्रिज निर्माण की प्रगति जानकारी मांगी। जिसके ज़बाब में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी की तरफ से बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-58 (नई एनएच सं. 34) पर ऋषिकेश के निकट श्यामपुर में 219.2 किमी से 219.6 किमी तक की मौजूदा रोड के चौड़ीकरण सहित 219.4 किमी में 24 मीटर स्पैन वाले बैली ब्रिज बनाने का कार्य 429.19 लाख रु. की लागत के साथ पूरा किया जा चुका है।
साथ ही उत्तराखंड राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर जानकारी दी कि 2014 के लगभग 2,282 किमी से बढ़कर वर्तमान में राजमार्गों की लंबाई 3,664 किमी हो गई है।

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