देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में के राजपुर रोड स्थित रिलायंस के ज्वेलरी शोरूम में आज की लूट को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस काफी समय से कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही थी। सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजा आज शो रूम में हुई लूट के रूप में सबके सामने आ गया।
देहरादून महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि आज ही शहर में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु भी हैं। उनकी सुरक्षा में चप्पे चप्पे पर पुलिस व्यवस्था का दावा किया जा रहा था। वहीं, सुबह करीब साढ़े दस बजे ज्वैलरी शो रूम में घुसे बदमाशों ने पूरा शो रूम ही खाली कर दिया। इससे पता चलता है कि बदमाशों में पुलिस का कोई खौफ तक नहीं रहा है।
इसके साथ ही लालचंद शर्मा ने ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता प्रकट की। साथ ही उन्होंने महिलाओं व नाबालिग बच्चियों के विरूद्ध हो रही हिंसा, बलात्कार व जघन्य हत्याओं की घटनाओं को लेकर राज्य की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। कहा कि भ्रष्टाचार और भयमुक्त सरकार के अपने वायदे पर अमल करने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है।
एक बयान में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बीजेपी के साढ़े सात वर्ष के कार्यकाल में हत्या, चोरी, डकैती, मासूमों से बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है। राज्य की जनता में भय का वातावरण व्याप्त है। आमजन विशेषकर महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि बागेश्वर के कपकोट में 12 साल की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास की घटना, जनपद उधमसिंहनगर के काशीपुर में नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास, जनपद उधमसिंहनगर के गदरपुर में युवक की गोली मार कर हत्या, जनपद चमोली के थराली में नाबालिग से छेडछाड की घटना, जनपद पिथौरागढ़ के झूलाघाट में हत्या की घटना, देहरादून के जाखन स्थित लॉज में महिला की हत्या, जनपद उधमसिंहनगर के किच्छा में साढ़े तीन साल की बच्ची की दुष्कर्म के उपरान्त हत्या, रूद्रपुर में एक व्यक्ति की हत्या, कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक संजीव आर्य पर धारदार हथियार से जानलेवा हमले की घटना, सरकार के केबिनेट मंत्री सौरभ बहुगणा पर हमले सहित कई ऐसी घटनाएं सरकार की विफलता का जीता जागता उदहारण हैं।
यही नहीं, हरिद्वार जनपद के भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत डांडा जलालपुर में धार्मिक आयोजन के शुभ अवसर पर पथराव की घटना ने राज्य में कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी थी वहीं बेलड़ा में अनुसूचित जाति के एक युवक की हत्या कर दी गई। इसमें आज तक सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। राज्य में सत्ताधारी दल से जुडे संगठनों के कार्यकर्ताओं की ओर से राज्य की कानून व्यवस्था को धता बताते हुए राज्य में भय का माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बहन बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। महिला उत्पीड़न और प्रदेशभर से उनके साथ दुष्कर्मों की लगातार खबरें अखबारों में प्रतिदिन आ रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड देवभूमि को शर्मशार करने वाला था। आजतक उनके परिजनों को भी सरकार की लचर पैरवी के कारण न्याय नही मिल पाया है। ना ही उस वीआईपी के नाम का खुलासा किया गया, जिसका नाम अंकिता हत्याकांड से जोड़कर देखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है। अपराधी बेखौफ हैं। इसके बावजूद सरकार खुद ही अपनी पीठ थपथपाती रहती है।


