राज्य गीत अस्तित्व मे, न भुलाया न भूलने की वजह: चौहान

राज्य गीत अस्तित्व मे, न भुलाया न भूलने की वजह: चौहान

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि राज्य गीत अस्तित्व मे है और इसे न भुलाया जा सकता है और न कोई भूलने की वजह है।

चौहान ने कहा कि राज्य गीत सरकारी कार्यक्रमों का हिस्सा पहले से ही रहा है और इसमें कोई द्वेष भाव या श्रेय लेने की मानसिकता किसी भी सरकार की नही हो सकती, क्योंकि यह राज्य की धरोहर है। लेकिन इस पर दोषारोपण अनुचित और अस्वीकार्य है।

चौहान ने कहा कि इस गीत को दबाने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस बिना तथ्यों के दोषारोपण कर रही है। सरकारी आयोजनों मे यह गीत अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहता है। बेशक गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के सुरों से सराबोर इस गीत को देश और उत्तराखंड के लाखों लोग पसंद करते आये हैं और नेगी दा के उदगार जायज हैं। लेकिन ऐसा नही कि इसे ठन्डे बस्ते मे डाल दिया गया हो। इस गीत को उपेक्षित करने का आरोप लगा रही कांग्रेस ऐसा कोई प्रमाण प्रस्तुत नही कर सकती। उन्होंने कहा कि संस्कृति के सरंक्षण की दिशा मे कांग्रेस को ज्ञान देने की जरूरत नही।

चौहान ने कहा कि राज्य के सांस्कृतिक सरंक्षण की दिशा मे सही मायने मे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने ही अधिक उत्साह दिखाया है। राज्य की संस्कृति, डेमोग्राफी की चिंता और धार्मिक स्वरूप के लिए सरकार जितने कानून लायी उसका सबसे पहले विरोध कांग्रेस से ही देखने को मिला। राज्य गीत को उपेक्षित करने के पीछे न कोई तर्क और न ही कोई वजह है। धरोहरों से छेड़छाड़ का किसी को अधिकार नही है और न ही बिना तर्क दोषारोपण किया जाना चाहिए।

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