देहरादून। भाजपा ने कांग्रेसी आंतरिक कलह पर कटाक्ष किया कि 27 में जीत के सपने देखने वालों की स्याह हकीकत जनता देख रही है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने तंज कसा कि कांग्रेस की वर्तमान स्थिति “सूत न कपास, जुलाहों में लट्ठम लट्ठा” वाली हो चुकी है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा अल्पकालीन ‘राजनैतिक संन्यास’ पर सहानुभूति जताने के साथ आईना भी दिखाया कि बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय।
विभिन्न माध्यमों से मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए भट्ट कहा कि जिस तरह कांग्रेस पार्टी में युद्ध से हालात से नजर आ रहे हैं, उसे प्रदेश की जनता भी देख समझ रही है।
उन्होंने कहा, ये पहले से ही निश्चित है कि जितने लोग कांग्रेस में शामिल हुए उससे कई गुणा अधिक लोगों का कांग्रेस छोड़ना तय है। क्योंकि सिद्धांतहीन, विचारहीन और नेतृत्विहीन पार्टियों में ऐसा लाजिमी है और इसके आसार भी साफ नजर आ रहे हैं।
उन्होंने पूर्व सीएम हरीश रावत के 15 दिनी मौन उपवास पर उनकी वरिष्ठता को देखते हुए सहानुभूति जताई। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि हरीश रावत जिन नेताओं को ‘उज्याडू बेल’, ‘फुके कारतूस’ और ‘विष पुरुष’ कहा करते थे, आज उन्हीं लोगों ने उन्हें घर बैठाने का काम कर दिया है। यह सब कुछ कुछ ऐसा है कि बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से पाए। आज हरदा की अपनी बोई हुई अनैतिक और मौकापरस्त राजनीति की फसल का समय आ गया है, लिहाजा उन्हें अपनों ने ही लोगों ने किनारा कर दिया।
भट्ट ने रावत की स्थिति पर सहानुभूति जताते हुए कहा कि यह बड़े खेद का विषय है कि इतने वरिष्ठ नेता की बात सुनने के लिए न तो प्रदेश संगठन को जरूरत है और न ही राहुल गांधी के पास समय। जो साफ इशारा करती है कि हरदा की अहमियत आज कांग्रेस में शून्य हो चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि अतिउत्साह में कुछ लोगों को पार्टी में पार्टी जोड़ने से कांग्रेस में पार्टी छोड़ने की होड मचने वाली है। जिस तरह का असंतोष प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व प्रति वहां है, उससे कांग्रेस में भगदड़ का माहौल है। जितने लोग पार्टी में शामिल हो रहे हैं, उससे कई गुना अधिक लोग पार्टी छोड़ने की कतार में खड़े हैं।
भट्ट ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का भविष्य शून्यता की तरफ जा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड में पिछले 10 वर्षों से लगातार हार का सामना कर रही है।कांग्रेस के लिए भविष्य में भी जीत की कोई संभावना नहीं है, तब भी नेता आपस में एक-दूसरे को राजनैतिक रूप से निपटाने में व्यस्त हैं। आज कांग्रेस पार्टी की स्थिति प्रदेश में सूत न कपास जुलाहों में लट्ठम लट्ठा वाली बनी हुई है।

