देहरादून। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी युद्ध संकट में भी देश और प्रदेश पीएम मोदी के नेतृत्व में एकजुट खड़ा है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, संसद के दोनों सदनों में प्रधानमंत्री द्वारा बताई देश की क्षमता और तैयारियों पर जनता को पूरा भरोसा है। लिहाजा हम सभी को उनकी अपील पर अफवाह, पैनिक खरीदारी और जमाखोरों से बचने की जरूरत है।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में पश्चिम एशिया संकट भारत की स्थिति और नीति स्पष्ट करने से देशवासी निश्चिंत हो गए हैं। एक स्वाभाविक लीडर की तरह एक बार फिर संकट की घड़ी में उन्होंने सामने आकर भरोसा दिलाया है कि संकट विकट है लेकिन हमारी तैयारी और एकजुटता इसका सामना करने में सक्षम है। पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर देश में 53 लाख मैट्रिक टन रिजर्व है जो लगभग 2 महीने तक काम आ सकता है। इसी तरह देश की कुल जरूरत का 30 फ़ीसदी स्वदेशी उत्पादन के साथ खाड़ी देशों और अन्य देशों से लगातार एलपीजी सप्लाई जारी है। हम उन चुनिंदा देशों में है जिसके जहाज युद्धरत होमुर्ज खाड़ी से निकलकर सुरक्षित आ रहे हैं, अब तक 5 जहाज आ गए हैं और बाकी भी आने की उम्मीद है। इसी तरह खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा पर भी प्राथमिकता से प्रयास जारी हैं।
उन्होंने आग्रह किया कि पीएम के कथानुसार, अक्सर विपरीत परिस्थितियों में कुछ लोग लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। हमें ऐसी स्थिति में फैलने वाली अफवाहों और झूठ से सावधान रहने की जरूरत है। देश में प्रयाप्त स्टॉक है, लिहाजा हम सबको पैनिक खरीदारी बचना चाहिए। क्योंकि ऐसे करने से जमाखोरों और घोटालेबाजों को अवसर मिलता है। उन्होंने कहा, देश को पीएम मोदी पर पूरा भरोसा है कि आम जनता को संकट से दूर रखने के लिए कटिबद्धता से कार्य कर रही है। देश ने एकजुटता से कोरोना जैसी महामारी का सामना किया है, लिहाजा इस संकट का सामना करने में भी हम सक्षम हैं।
वहीं उन्होंने विपक्षी कांग्रेस को देशहित में नकारात्मक राजनीति से बचने का आग्रह किया। कहा, देश ने कोराना संकट में इनके नेताओं का भ्रम और अफवाह फैलाने का रवैया देखा है। एक बार फिर यही कोशिश खाड़ी युद्ध से उत्पन्न परिस्थितियों में कांग्रेस कर रही है।
प्रदेश और देश के लोगों को आज भी विपक्ष के इस ड्रामे और दोगली नीति पर भरोसा नहीं है। क्योंकि वो देख रही है कि देश में खाड़ी संकट का सबसे पहले लाभ उठाने की कोशिश कांग्रेस की हिमाचल सरकार ने की है। वो युद्ध से मंहगाई का डर तो दिखा रहे हैं। लेकिन अपने राज्य में युद्ध की आपदा को अवसर में बदलते हुए तेल के दामों में 5 रुपए की बढ़ोत्तरी की है। वहां सुक्खू सरकार ने अपने कुप्रबंधन से वहां आए आर्थिक संकट का सामना करने के लिए युद्ध के नाम पर ये दाम वृद्धि की हैं।

