देहरादून। दीपनगर यूसीएफ सदन सभागार में आयोजित
गढ़वाल मंडल की नवगठित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (MPACS) के अध्यक्षों एवं सचिवों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन जारी है। 09 से 11 मार्च 2026 तक चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को सहकारी समितियों के प्रभावी संचालन, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

यह प्रशिक्षण उत्तराखण्ड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन (UKPCU) द्वारा आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य नवगठित MPACS समितियों को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से अध्यक्षों एवं सचिवों को समितियों के बेहतर प्रबंधन, सदस्यता विस्तार, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण का प्रमुख लाभ यह है कि इससे समितियां बहुउद्देशीय गतिविधियों के संचालन में सक्षम बनेंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और स्थानीय समुदाय को खाद, बीज, ऋण, भंडारण तथा अन्य सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। साथ ही डिजिटल प्रणाली और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों के उपयोग से समितियों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और लाभकारी बनने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत MPACS द्वारा निर्मित एवं निर्माणाधीन गोदामों के निर्माण कार्य को गति देने के लिए MPACS तथा उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ (UCF) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। गोदाम निर्माण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवास संघ द्वारा एक मॉडल DPR भी प्रस्तुत की गई, जिससे समितियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त होगा और भंडारण क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ 09 मार्च को यूनियन के अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया, जबकि सहकारिता विभाग की अपर निबंधक इरा उप्रेती विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर सहकारिता विभाग के संयुक्त निबंधक एवं UKPCU के प्रबंध निदेशक एम. पी. त्रिपाठी ने प्रतिभागियों को विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 मार्च तक जारी रहेगा।

