उत्तराखंड: कोल्ड्रिफ पर प्रतिबंध, खांसी-जुकाम की दवाओं में चेतावनी लिखना अनिवार्य

उत्तराखंड: कोल्ड्रिफ पर प्रतिबंध, खांसी-जुकाम की दवाओं में चेतावनी लिखना अनिवार्य

देहरादून। एमपी-राजस्थान में कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले सामने आने के बाद उत्तराखंड सरकार ने बच्चों की खांसी के सिरप कोल्ड्रिफ और डेक्सट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड की बिक्री पर रोक लगा दी है। इस संबंध में ड्रग कंट्रोलर और अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी ने रविवार को आदेश जारी किए।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने राज्य की सभी दवा कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे क्लोरफेनिरामिन मालीएट और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड ड्रॉप्स की पैकेजिंग और प्रचार सामग्री में आवश्यक चेतावनी अंकित करें।

औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह ने सभी निर्माताओं को रिमाइंडर भेजते हुए कहा कि पैकेज और पैकेज इनसर्ट पर स्पष्ट रूप से यह लिखना अनिवार्य है कि यह दवा चार साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों में इन दवाओं का उपयोग सुरक्षित नहीं है। क्लोरफेनिरामिन मालीएट लेने से बच्चों में नींद आना, चक्कर, मुंह सूखना, थकान और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड लेने से नाक और गले में जलन, सिरदर्द, दिल की धड़कन बढ़ना, ब्लड प्रेशर में बदलाव और कभी-कभी बेचैनी या नींद न आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। यह कदम केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

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