देहरादून। सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा नशे की हालत में वाहन चलाने जैसी घातक प्रवृत्तियों पर नियंत्रण के लिए यातायात निदेशालय, उत्तराखण्ड पुलिस ने राज्य के सभी जनपदों में विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत इस अभियान का उद्देश्य नशे में वाहन संचालन से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाना और आम जनता में यातायात अनुशासन के प्रति जागरुकता बढ़ाना है। जनवरी से सितम्बर 2025 तक की प्रवर्तन कार्यवाही, पुलिस मुख्यालय और यातायात निदेशालय के निर्देशन में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में कुल 8643 चालान नशे की हालत में वाहन चलाने के मामलों में कार्यवाही की गई है।
कुल 2405 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को प्रेषित किए गए। यातयात निदेशालय द्वारा जारी आंकड़े तस्दीक करते हैं कि देहरादून में सबसे अधिक नशे में वाहन चलाने पर कार्यवाही हुई है। डीएल निलंबन के लिए परिवहन विभाग को प्रेषित किया गया है। यातायात निदेशक अनंत शंकर ताकवाले ने बताया नशे में वाहन चलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्यवाही की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जनपद स्तर पर निरंतर प्रभावी प्रवर्तन और जागरूकता अभियानों को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल चालक के जीवन को खतरे में डालता है।


