उत्तराखंड: ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी

उत्तराखंड: ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी

देहरादून। उत्तराखंड में लंबे सूखे का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। चमोली जिले में स्थित भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है, जिससे पूरी घाटी चांदी की तरह चमक उठी है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान सटीक साबित होते ही शुक्रवार से ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है।

पहाड़ों की रानी मसूरी के लालटिब्बा क्षेत्र में हल्की बर्फबारी शुरू होते ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे। वहीं धनौल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में नई उम्मीद जगी है। चकराता क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों—लोखंडी, देवबन, खड़म्बा, आसमाड़, मशक, कोटी कंसार और मुंडोई—में बर्फ की फुहारें गिरते ही पहाड़ियां चांदी सी चमक उठीं। लोखंडी में बर्फबारी का सैलानी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं और होटल पूरी तरह भर चुके हैं।

वहीं बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी पूरी तरह बर्फ से ढक गई है। तापमान माइनस पर पहुंचने से निचले इलाकों में बारिश से ठिठुरन बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेना शुरू किया।


खेती और बागवानी के लिए ‘संजीवनी’ पिछले तीन महीनों से बारिश न होने के कारण उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सूखी ठंड का प्रकोप था। इस बर्फबारी ने न केवल सेब के बागानों को नई जान दी है, बल्कि ग्लेशियरों के रिचार्ज होने की उम्मीद भी जगा दी है। स्थानीय काश्तकारों और व्यापारियों के चेहरों पर इस बदलाव से भारी खुशी देखी जा रही है।

मौसम विभाग ने पहले ही 23 और 24 जनवरी को भारी बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी किया था। शुक्रवार सुबह से ही बादलों की लुका-छिपी के बाद शुरू हुई बर्फबारी ने पूरे चमोली जिले को शीत लहर की चपेट में ले लिया है।

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