देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश में गैस वितरण प्रणाली को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में गैस वितरण प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार केवल झूठे दावे कर रही है कि सब कुछ नियंत्रण में है। सच्चाई यह है कि आज प्रदेश की जनता रसोई गैस के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शहरों में जब यह हाल है, तो गांवों की स्थिति कितनी भयावह होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। शादियों का सीजन चल रहा है, लेकिन लोग गैस सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े हैं। आम परिवारों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं, और सरकार “सब ठीक है” का ढोल पीट रही है। यह केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता और नाकामी का जीता-जागता उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि हम सरकार से सीधा सवाल पूछते है क्या यही है आपके चार साल का विकास? क्या जनता को गैस के लिए तड़पाना ही आपकी उपलब्धि है?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के मंत्री और अधिकारी एसी कमरों में बैठकर रिपोर्टों के आधार पर स्थिति “सामान्य” बता रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है। यह जनता के साथ खुला मजाक है।
यशपाल आर्य ने कहा कि हमारी मांग स्पष्ट है.. प्रदेश में गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति तुरंत सार्वजनिक की जाए।
गैस संकट के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर कड़ी कार्यवाही हो और शहर जिले में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपात योजना लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार चार साल पूर्ण होने पर जश्न मना रही है, लेकिन जनता संकट झेल रही है।

