* भाजपा मोर्चों की संयुक्त बैठक में उपलब्धियों को बूथ तक ले जाने का आह्वान
देहरादून। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने आज भाजपा के सभी मोर्चों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक ली। बैठक में आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करते हुए चुनावी दृष्टि से अधिक सक्रियता दिखाने का आह्वान किया गया। बैठक में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार एवं श्रीमती दीप्ति रावत समेत पार्टी के सभी सात मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि देश की तरह उत्तराखंड में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व पर जनता को अटूट विश्वास है। प्रदेश की जनता लगातार डबल इंजन सरकार के प्रयासों और उपलब्धियों पर अपनी मुहर लगा रही है।
उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में जनता ने एक बार फिर कमल खिलाने का मन बना लिया है। लेकिन हमें इस पर संतुष्ट होकर बैठना नहीं है। हमें अधिक से अधिक जनता का आशीर्वाद प्राप्त करना है और उन्हें ‘विकसित उत्तराखंड’ के निर्माण में सहभागी बनाना है। वहीं सभी मोर्चों के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे शीघ्र ही मंडल और बूथ स्तर तक अपने-अपने वर्गों में पार्टी द्वारा तय कार्यक्रमों को सफलता से आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं से बदलते उत्तराखंड को लोग महसूस कर रहे हैं, हमें सरकार की इन्हीं जन-कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी को समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना है।
बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। जिस पर बोलते हुए श्री भट्ट ने कहा कि इस अभियान में हम सब की भूमिका बेहद अहम हो जाती है, क्योंकि लोकतंत्र की सफलता के लिए मतदाता सूची का त्रुटिहीन होना अनिवार्य है।
उन्होंने पदाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने को कहा ताकि कोई भी पात्र वोटर का नाम सूची से न छूटे, अपात्रों, विशेषकर घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से काटे जाएं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि हम चाहते हैं कि देवभूमि उत्तराखंड की सरकार बनाने का निर्णय सिर्फ और सिर्फ देवभूमि की मूल जनता ही करे।
इस महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री श्री कुंदन परिहार, प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत समेत भाजपा के सभी मोर्चों युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्रियों ने सहभागिता की और आगामी कार्यक्रमों को धरातल पर सफल बनाने का संकल्प लिया।

