* कहा, उच्च न्यायालय के निर्णय के अधीन तैयार होगी वरिष्ठता सूची
* पदोन्नति का रास्ता साफ होने पर शिक्षक संगठनों ने जताया आभार
देहरादून। उच्च न्यायालय के निर्णय के उपरांत अब राज्य में शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षकों की डीपीसी के लिये शीघ्र ही प्रस्ताव राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा जायेगा, ताकि सूबे में लम्बे समय से रिक्त प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यपक एवं प्रवक्ता के पदोन्नति के रिक्त पदों को भरा जा सके।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज आपने शासकीय आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ शिक्षकों की वरिष्ठता को लेकर उच्च न्यायालय के निर्णय के क्रम में पदोन्नति को लेकर विचार-विमर्श किया। जिसमें शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक से प्रधानाचार्य, प्रवक्ता एवं एल0टी से प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापक (एलटी) से प्रवक्ता के पदों पर प्रस्तावित पदोन्नति का प्रस्ताव तैयार शीघ्र राज्य लोक सेवा आयोग को भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस संबंध में गुरूवार को शिक्षा निदेशालय में विस्तृत समीक्षा की जायेगी, जिसकी तैयारी के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। विभागीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में लम्बे समय से वरिष्ठता को लेकर न्यायालय में वाद चल रहा था, जिस पर निर्णय आ चुका है। अब विभाग में पदोन्नति के रास्ते खुल गये हैं। उच्च न्यायालय के निर्णय के क्रम में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुये पदोन्नति के शत-प्रतिशत पदों को भरे जाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि एल0टी0 से प्रवक्ता पद के लिये टीईटी की अनिवार्यता को लेकर भी सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी, ताकि टीईटी की अनिवार्यता का शिक्षकों की पदोन्नति पर तात्कालिक रूप से कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
बैठक में निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, उप निदेशक जे.पी. काला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

