54 लाख आवेदनों ने सिद्ध किया अग्निवीर योजना के प्रति युवाओं का उत्साह

54 लाख आवेदनों ने सिद्ध किया अग्निवीर योजना के प्रति युवाओं का उत्साह

* अग्निवीरों का भविष्य सुरक्षित, रोड मैप स्पष्ट, कांग्रेस फैला रही भ्रम: चौहान

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस के आरोप पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस भ्रम और झूठ फैलाकर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को राष्ट्रसेवा, अनुशासन, कौशल और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसे देशभर में 54 लाख से अधिक युवाओं का समर्थन मिल चुका है।

चौहान ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास युवाओं और सैनिकों के हितों को लेकर उसके खोखले दावों को उजागर करता है। जिन्होंने दशकों तक वन रैंक वन पेंशन जैसे विषयों को लंबित रखा, वे आज अग्निवीरों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने अग्निवीरों के भविष्य को लेकर देश के सामने एक ठोस मॉडल प्रस्तुत किया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने पूर्व-अग्निवीरों के लिए ‘अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल’ स्थापित किया। राज्य की वर्दीधारी सरकारी सेवाओं में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है। साथ ही पर्यटन, आपदा प्रबंधन, इंफ्रास्ट्रक्चर, खेल और लॉजिस्टिक्स सहित 50 से अधिक क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहाँ अग्निवीरों के प्रशिक्षण, अनुशासन और कौशल का उपयोग किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि धामी सरकार अग्निवीरों को सिर्फ नौकरी तलाशने वाला युवा नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला युवा बनाने की दिशा में काम कर रही है। ‘वीर उद्यमी योजना’ और ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ के माध्यम से विशेष सब्सिडी और बैंक ऋण की व्यवस्था की गई है। यानी सेवा के बाद अग्निवीरों के सामने सरकारी नौकरी, स्वरोजगार, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के कई रास्ते उपलब्ध कराने का रोडमैप तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्व-अग्निवीरों के लिए CAPF और असम राइफल्स में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। उच्च शिक्षा के लिए IGNOU के माध्यम से तीन वर्षीय कौशल आधारित स्नातक डिग्री, 10वीं पास युवाओं के लिए NIOS के माध्यम से 12वीं की मान्यता तथा कौशल विकास मंत्रालय के प्रमाण-पत्र की व्यवस्था की गई है। चार वर्ष की सेवा के बाद मिलने वाली ‘सेवा निधि’ युवाओं को आगे की पढ़ाई, रोजगार या उद्यम शुरू करने के लिए प्रारंभिक पूंजी उपलब्ध कराती है।

अग्निवीरों के साथ सेवा के दौरान किसी अनहोनी की स्थिति में भी सरकार उनके परिवारों के साथ खड़ी है। सर्वोच्च बलिदान देने वाले अग्निवीर के परिजनों के लिए केंद्र स्तर पर ₹1 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। वहीं उत्तराखंड सरकार ने अनुग्रह राशि को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख किया है।

चौहान ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का आधार अब मुद्दों का समाधान नहीं, बल्कि हर सुधार का विरोध और युवाओं में भ्रम फैलाना है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के साथ युवाओं को राष्ट्रसेवा के नए अवसर दिए जा रहे हैं।

वहीं उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार भर्ती से लेकर सेवा और सेवा के बाद पुनर्रोजगार तक अग्निवीरों के लिए अवसरों की श्रृंखला तैयार कर रही है। उत्तराखंड वीरभूमि है और यहां के युवा सेना को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और गौरव का माध्यम मानते हैं। कांग्रेस का राजनीतिक दुष्प्रचार इस भावना को कमजोर नहीं कर सकता। उत्तराखंड के युवा और सैन्य परिवार कांग्रेस की इस नकारात्मक राजनीति को समझ चुके हैं।

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