* कानून की जीत की दुहाई देने वाले गोदियाल पहले SSP कार्यालय के अपने आचरण का जवाब दें
देहरादून। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने हल्द्वानी शुद्धिकरण प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होना कानून की प्रक्रिया है, कांग्रेस की कोई राजनीतिक जीत नहीं। कांग्रेस इस कानूनी कार्रवाई का राजनीतिक श्रेय लेने के लिए जितना उतावली हो रही है, उससे उसका अवसरवादी राजनीतिक चरित्र ही सामने आ रहा है।
चमोली ने कहा कि भाजपा पहले दिन से ही इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट थी। भाजपा ने साफ कहा था कि शुद्धिकरण कार्यक्रम से पार्टी का कोई संबंध नहीं है, न भाजपा इस प्रकार की गतिविधियों का समर्थन करती है और न ही इस आयोजन में उसकी कोई भूमिका थी। राम सेना ने भी स्पष्ट किया था कि शुद्धिकरण मल्लिकार्जुन खड़गे की जाति के कारण नहीं किया गया था और इसका भाजपा अथवा विचार परिवार से कोई संबंध नहीं था।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने घटना को दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए तत्काल स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और मामले में पार्टी की कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद कांग्रेस लगातार इस मामले को भाजपा से जोड़कर राजनीतिक भ्रम फैलाने का प्रयास करती रही। अब जब कानून ने अपनी प्रक्रिया के तहत एफआईआर दर्ज की है तो कांग्रेस उसे अपनी जीत बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है।
चमोली ने कहा कि भाजपा कानून का सम्मान करती है और कानून को अपना काम करने में विश्वास रखती है। कांग्रेस को यह बात समझनी चाहिए कि कानून की कार्रवाई किसी दल की राजनीतिक उपलब्धि नहीं होती। प्रदेश में कानून का राज है और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आज जो कांग्रेस कानून की दुहाई दे रही है, उसे पहले अपने नेताओं के आचरण का जवाब देना चाहिए। जिस दिन श्री मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में रैली थी, उसी दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में एसएसपी कार्यालय में जिस तरह का हंगामा, नारेबाजी और कथित अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ, वह कांग्रेस की कानून और संस्थाओं के प्रति मानसिकता को उजागर करता है। इस घटनाक्रम की पुलिस अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों की ओर से भी निंदा की गई थी।
उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस मंचों से संविधान, कानून और लोकतांत्रिक मर्यादा की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर अपने राजनीतिक हितों के लिए सरकारी संस्थानों के सामने आक्रामक प्रदर्शन करती है। ऐसे में गणेश गोदियाल को कानून की दुहाई देने से पहले यह बताना चाहिए कि क्या कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान केवल भाषणों तक सीमित है?
चमोली ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब पूरी तरह आरोप लगाओ, भ्रम फैलाओ और फिर राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश करो की नीति पर चल रही है। हल्द्वानी प्रकरण में भी कांग्रेस ने भाजपा को जबरन घसीटने का प्रयास किया, जबकि भाजपा ने पहले ही दिन अपना रुख स्पष्ट कर दिया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा न कानून से ऊपर है और न कानून से भागती है। लेकिन कांग्रेस को भी कानून का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह करना बंद करना चाहिए। एफआईआर हुई है तो जांच होगी, तथ्य सामने आएंगे और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
चमोली ने कहा कि कांग्रेस चाहे जितना राजनीतिक शोर मचा ले, जनता तथ्यों को समझती है। भाजपा का रुख पहले दिन से स्पष्ट था। शुद्धिकरण से कोई संबंध नहीं, ऐसी गतिविधियों का कोई समर्थन नहीं और कानून अपना काम करे। अब कांग्रेस को इस स्पष्ट तथ्य के बावजूद राजनीतिक रोटियां सेंकने के बजाय अपने नेताओं के आचरण पर जवाब देना चाहिए।

