अजीत डोभाल पर टिप्पणी के लिए राहुल गांधी देश से माफी मांगे: गणेश जोशी

अजीत डोभाल पर टिप्पणी के लिए राहुल गांधी देश से माफी मांगे: गणेश जोशी

* अजीत डोभाल पर राहुल गांधी का बयान देश की सुरक्षा के प्रति उनकी सोच दिखाता है: गणेश जोशी

देहरादून। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उत्तराखंड के वीर सपूत एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर की गई टिप्पणी पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी केवल एक व्यक्ति पर राजनीतिक हमला नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की वीरभूमि, उसके गौरव और स्वाभिमान पर भी सीधा आघात है। देश की सुरक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति के लिए इस तरह की भाषा कांग्रेस की गिरती राजनीतिक मर्यादा को दर्शाती है।

जोशी ने कहा कि अजीत डोभाल की पहचान किसी राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि उनकी दशकों लंबी राष्ट्रसेवा से बनी है। उन्होंने देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। ऐसे व्यक्तित्व पर राजनीतिक टिप्पणी करने से पहले राहुल गांधी को सोचना चाहिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लोगों के सम्मान के प्रति कांग्रेस की नीति और सोच आखिर क्या है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें उत्तराखंड के इस वीर सपूत से इतनी राजनीतिक बेचैनी क्यों है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तित्वों के प्रति भाषा और मर्यादा की एक सीमा होनी चाहिए। उत्तराखंड की जनता अपने वीर सपूतों के अपमान को केवल राजनीतिक बयान मानकर नजरअंदाज नहीं करेगी।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेताओं की भाषा उत्तराखंड के गौरव और देश की सुरक्षा से जुड़े व्यक्तित्वों को लेकर विवादों में रही है। वर्ष 2017 में भी कांग्रेस के एक नेता ने तत्कालीन सेना प्रमुख एवं उत्तराखंड के वीर सपूत स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत के लिए “सड़क का गुंडा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।

जोशी ने कहा कि स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत और अजीत डोभाल दोनों उत्तराखंड की धरती के गौरव हैं। एक ने भारतीय सेना का नेतृत्व किया और दूसरे ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा में दशकों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस के नेताओं द्वारा पूर्व में जनरल बिपिन रावत जैसे वीर सपूत के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया और अब राहुल गांधी श्री अजीत डोभाल को निशाना बना रहे हैं। कांग्रेस को बताना चाहिए कि पहाड़ के इन सपूतों से उसे आखिर इतनी परेशानी क्यों है।

जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देश की सीमाओं की सुरक्षा हो या आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, सरकार ने सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के वीर सपूत श्री अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और उत्तराखंड के सपूतों की भूमिका को सम्मान दे रही है, वहीं कांग्रेस के शीर्ष नेता उन्हीं सपूतों पर राजनीतिक टिप्पणियां कर रहे हैं। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर उसे उत्तराखंड के इन वीर सपूतों से इतनी परेशानी क्यों है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान की मर्यादा सभी राजनीतिक दलों को बनाए रखनी चाहिए। उत्तराखंड ने देश को जनरल बिपिन रावत और श्री अजीत डोभाल जैसे सपूत दिए हैं और इन महान व्यक्तित्वों पर टिप्पणी करते समय कांग्रेस को देवभूमि की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति करने के बजाय अपने गिरेबान में झांककर यह देखना चाहिए कि उसके नेताओं की भाषा और आचरण ने देश के सुरक्षा बलों तथा उत्तराखंड के वीर सपूतों के प्रति क्या संदेश दिया है।

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