अराजकता से नही बल्कि जनमत से खुलते है सत्ता के द्वार: भट्ट

अराजकता से नही बल्कि जनमत से खुलते है सत्ता के द्वार: भट्ट

* गलतफहमी के बजाय यथार्थ को स्वीकारे कांग्रेस

देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस को यथार्थ को स्वीकार करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सम्मान करने की सलाह दी है। सत्ता के द्वार अराजकता से नही, बल्कि जनमत से खुलते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन का अधिकार सिर्फ वोटर को है, लेकिन राहुल गांधी और विपक्ष सड़क पर अराजकता से सत्ता पाना चाहते हैं। भाजपा जनता के सहयोग से देश को बांग्लादेश, नेपाल बनाने वालों की मंशा को कभी पूरा नहीं होने देंगे। प्रदेश में भी सरकार का चुनाव उत्तराखंड के मतदाता ही करेंगे, कोई बांग्लादेशी क्रांतिकारी सोच या घुसपैठिया नही।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उनके सहयोगियों द्वारा छापा मार पद्धति से चलाए जा रहे आंदोलनों को प्रदेश और देश का माहौल खराब करने की साजिश बताया है। क्योंकि इससे पहले विपक्ष ने अपनी चुनावी नाकामियों का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा, उसके बाद सभी शीर्ष संवैधानिक जांच एजेंसियों पर अनर्गल आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की। इन्होंने संसद को बंधक बनाने का प्रयास किया और अब शीर्ष लोकतान्त्रिक चुनावी संस्था की विश्वसनीयता को ही संदिग्ध बनाने के मिशन में जुटी है। इसी क्रम में अनैतिकता एवं अराजकता की सभी हदें पार करते हुए राहुल समेत तमाम विपक्षियों नेताओं का न्यायिक प्रक्रिया को धमकाने की नीयत से सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन किया गया।

उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि अब जिस तरह के रिजिम चेंज वाले बयान कांग्रेस पार्टी और उनके वामपंथी सहयोगियों के सामने आ रहे हैं उसमे उनकी देश विरोधी मानसा स्पष्ट उजागर होती है। दरअसल कांग्रेस पार्टी का पूरा इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग करने से है। इसीलिए जब से चुनाव प्रक्रिया में सुधार और वोटर कार्ड, ईवीएम जैसी नई प्रणाली विकसित हुई तब से कांग्रेस पार्टी दोबारा बहुमत में नहीं आई है। उसके ऊपर जब 2014 में अखंड भ्रष्टाचार और धर्म एवं राष्ट्र विरोधी नीतियों के चलते देश ने पीएम मोदी के नेतृत्व एनडीए की सरकार को चुना, तो उसके बाद तो कांग्रेस के लिए वापसी के सभी दरवाजे बंद से हो गए हैं। यही वजह है कि झूठ, भ्रम, अफवाह और नकारत्मक राजनीति के लिए उसके बाद बार-बार कांग्रेस पार्टी को बुरी तरह नकारा है। लिहाजा हताश निराश कांग्रेस को अब जनता के आशीर्वाद से वापसी का कोई रास्ता नहीं नजर आ रहा है तो वो विदेशी शक्तियों के हाथों खेल रही है।

उन्होंने वर्तमान घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आज कांग्रेस के पोस्टर बॉय और पोस्टर गर्ल ऐसी विचारधारा के लोग बन गए हैं जो पहले से ही आतंकवादियों के साथ खड़े रहते थे और जेएनयू में सैनिकों की शहादत पर जश्न मनाते थे। यही लोग जब आज खुलेआम स्वीकार कर रहे हैं कि वह बांग्लादेश की तरह देश में अराजकता से रिज़ीम चेंज करना चाहते हैं। उनको वहां पर सत्ता पलट के दौरान हजारों हिंदुओं के कत्लेआम से कोई गुरेज नहीं है, वह ऐसा ही देश में करने की मंशा रखते हैं। जो साफ संकेत करता है कि कांग्रेस का हाथ पूरी तरह राष्ट्र विरोधी शक्तियों और उनकी विभाजनकारी सोच के साथ है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा लोकतंत्र है जिसमें सत्ता परिवर्तन का अधिकार सिर्फ और सिर्फ मतदाताओं को है। वहीं चेताया कि जिन्हें लगता है कि वह चुनाव से चुनकर नहीं आ सकते, उन्हें जनता साज़िशों के छल से देश की सत्ता का अपहरण किसी कीमत पर करने नहीं देगी। उत्तराखंड की जनता ही प्रदेश की सरकार का चुनाव करेगी, कोई बांग्लादेशी घुसपैठिया या क्रांति नहीं।

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