पूर्व छात्र नेताओं के नाम पर शहर में बनेगा स्मृति स्थलः महापौर

पूर्व छात्र नेताओं के नाम पर शहर में बनेगा स्मृति स्थलः महापौर

* स्व. प्रकाश सिंह धामी की पुण्य तिथि पर महापौर ने की घोषणा
* स्वर्गीय धामी की स्मृति में 60 से अधिक युवाओं ने किया रक्तदान

रुद्रपुर। पूर्व पार्षद एवं युवा नेता स्वर्गीय प्रकाश सिंह धामी की पुण्यतिथि पर सोमवार को श्रद्धांजलि सभा एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। छात्र नेता लखवीर सिंह लक्खा, परवीन यादव और उनकी टीम की ओर से आयोजित शिविर का शुभारंभ महापौर विकास शर्मा ने किया।

इस अवसर पर महापौर ने स्वर्गीय प्रकाश सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। शिविर में युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए 60 से अधिक यूनिट रक्तदान किया और मानव सेवा का संदेश दिया। महापौर ने रक्तदान करने वाले युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल को जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है, जिससे जरूरत के समय किसी मरीज को नया जीवन मिल सकता है। थैलेसीमिया सहित कई बीमारियों में मरीजों को बार-बार रक्त की आवश्यकता होती है। इसके अलावा दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और आपातकालीन परिस्थितियों में भी रक्त की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में युवाओं का आगे आकर रक्तदान करना सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय प्रकाश सिंह धामी की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर आयोजित कर उन्हें याद करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

महापौर ने इस अवसर पर डिग्री कॉलेज के अपने पुराने दिनों और छात्र जीवन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि स्वर्गीय प्रकाश सिंह धामी, स्वर्गीय जगदीश मदान, स्वर्गीय धन सिंह मेहरा, संधू और स्वर्गीय वीरेंद्र समंती जैसे साथियों ने छात्र जीवन में छात्र-छात्राओं के हितों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन छात्र नेताओं ने विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाने, उन्हें मार्गदर्शन देने और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने का काम किया। आज भी पुराने छात्र नेताओं के योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाता है।

महापौर ने घोषणा की कि इन दिवंगत साथियों के नाम पर शहर में स्मृति स्थल विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उनकी स्मृतियों को सहेजने के साथ ही आने वाली पीढ़ी को उनके संघर्षों और योगदान से परिचित कराया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय वीरेंद्र समंती के नाम पर श्मशान घाट और द्वार बनाने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसी क्रम में स्वर्गीय प्रकाश सिंह धामी, स्वर्गीय जगदीश मदान, स्वर्गीय धन सिंह मेहरा और संधू के नाम पर भी शहर में उपयुक्त स्थान विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लखवीर सिंह लक्खा सहित पुराने छात्र नेताओं के सुझाव लिए जाएंगे। सभी के विचारों और आपसी सहमति के आधार पर आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी, ताकि इन साथियों की स्मृति को स्थायी स्वरूप दिया जा सके।

महापौर ने कहा कि डिग्री कॉलेज केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक नेतृत्व की पहली पाठशाला भी है। कॉलेज में प्रवेश लेने वाले अनेक विद्यार्थियों को दाखिले की प्रक्रिया, आवेदन पत्र भरने, फीस जमा करने, पहचान पत्र बनवाने और परीक्षाओं से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे समय में छात्र नेता उनकी मदद करते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आते हैं।

उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में की गई सेवा और संघर्ष का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े होने के बावजूद छात्र नेताओं का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना और उनकी समस्याओं का समाधान कराना होना चाहिए। पुराने छात्र नेताओं के योगदान को स्मरण करने का उद्देश्य भी नई पीढ़ी को इसी भावना से प्रेरित करना है, ताकि युवा आगे आकर विद्यार्थियों की सहायता करें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें।

महापौर विकास शर्मा ने रुद्रपुर डिग्री कॉलेज के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि महाविद्यालय को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कैंपस के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से घोषणा भी कराई गई थी। इसके साथ ही कुमाऊं विश्वविद्यालय का काउंटर रुद्रपुर में खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से संबंधित कार्यों के लिए बार-बार नैनीताल न जाना पड़े।

महापौर ने बताया कि इस विषय पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति से भी उनकी बातचीत हुई है। जल्द ही उनके साथ बैठक कर महाविद्यालय के विकास, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और विश्वविद्यालय से संबंधित कार्यों को स्थानीय स्तर पर आसान बनाने के विषय में चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और महाविद्यालय को आगे बढ़ाना सामूहिक जिम्मेदारी है। पुराने छात्र नेताओं के संघर्षों से प्रेरणा लेते हुए वर्तमान पीढ़ी को भी शिक्षा, सेवा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

इस अवसर पर छात्र नेता लखवीर सिंह लक्खा, परवीन यादव, अमित नारंग, ग्राम प्रधान आशीष यादव, अभिषेक सिंह, चमन खान, गौरव खुराना, सौरव शर्मा, गौरव जुयाल, चिराग कालरा, विशाल धामी, फैजल खान, आकाश यादव, मनजीत कर्मकार, मोहित सोनकर, रवि चौहान, रजत बिष्ट, अक्षित छाबड़ा, आवेश पाल, शुभम अग्रवाल, हर्ष गिल, सरफराज खान, संजय दास, उदित यादव, अंकित गिरी, कमल कांत, वीर सिंह यादव, अंजन आर्य, रोहित पाठक सहित अन्य युवा मौजूद रहे।

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