* कांग्रेस के पास घटनाओं की सूची, भाजपा के पास अपराधियों पर कारवाई के मजबूत आंकड़े: चौहान
देहरादून। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने रायपुर के विष्णु लोक में हुए तिहरे हत्याकांड को बेहद गंभीर और दुखद घटना बताते हुए कहा कि तीन निर्दोष लोगों की हत्या से पूरा समाज स्तब्ध है, लेकिन कांग्रेस इस संवेदनशील घटना को राजनीतिक आरोपों का माध्यम बनाने में जुट गई है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
चौहान ने कहा कि रायपुर की घटना पर कांग्रेस को पीड़ित परिवार के साथ संवेदना और जांच में भरोसा दिखाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने इसे राजनीतिक हमला करने का अवसर बना लिया। उन्होंने कहा कि किसी एक जघन्य आपराधिक घटना के आधार पर पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर फैसला सुना देना जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि अपराध होना निश्चित रूप से गंभीर चिंता का विषय है, लेकिन कानून-व्यवस्था का आकलन केवल घटनाओं की सूची गिनाकर नहीं किया जा सकता। यह भी देखना होता है कि अपराध के बाद पुलिस कितनी तेजी से कार्रवाई करती है, अपराधी तक कैसे पहुंचती है और उसे कानून के कटघरे में कैसे खड़ा करती है। रायपुर की घटना में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ाई है।
भाजपा मीडिया प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस को सरकार की कार्रवाई दिखाई नहीं देती, लेकिन ‘ऑपरेशन प्रहार’ जरूर याद रखना चाहिए। राज्य में वांछित और पेशेवर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर गिरफ्तारी, चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम केवल अपराधों की सूची गिनाकर राजनीतिक माहौल बनाना नहीं होना चाहिए। जनता को बयान नहीं, अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई चाहिए।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस के दौर में कानून-व्यवस्था अपराध और अव्यवस्था के बीच फंसी रही, जबकि भाजपा सरकार ने पुलिस बल, तकनीक और कठोर कानूनों के जरिए व्यवस्था को मजबूत करने का काम किया। अवैध खनन पर तकनीकी निगरानी, साइबर अपराध के लिए दो समर्पित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी रोकने के लिए कठोर कानून इसके उदाहरण हैं।
चौहान ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भी भाजपा सरकार ने कानून को कठोर बनाया है। फरवरी 2023 के प्रतियोगी परीक्षा कानून के तहत भर्ती धोखाधड़ी को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बनाया गया है। संगठित पेपर लीक में आजीवन कारावास और संबंधित संस्थानों पर ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से लेकर फर्जीवाड़े तक, भाजपा सरकार ने अपराध के बदलते स्वरूप के अनुसार पुलिस व्यवस्था को मजबूत किया है। ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत 170 से अधिक फर्जी बाबाओं को हिरासत में लिया गया, जिनमें 45 हरिद्वार से थे। अगस्त 2025 तक 4,000 से अधिक लोगों का सत्यापन और 300 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी भी सरकार की मैदानी कार्रवाई को दर्शाती है।
भाजपा मीडिया प्रभारी ने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस बल को मजबूत करना भी जरूरी है। कांग्रेस काल में प्रति लाख आबादी पर 188.9 पुलिसकर्मी थे, जबकि भाजपा शासनकाल में यह संख्या बढ़कर 280 हुई। कांस्टेबल पदों की रिक्ति 7.22 प्रतिशत से घटकर 0.6 प्रतिशत रह गई है और महिला पुलिस की हिस्सेदारी 7.7 प्रतिशत से बढ़कर 12.2 प्रतिशत हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल पुलिस की जवाबदेही की बात करती है, लेकिन भाजपा सरकार ने पुलिस की क्षमता, संसाधन और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने पर काम किया है। कानून-व्यवस्था केवल थाने तक सीमित नहीं है। कोर्ट हॉल की कमी 22.2 प्रतिशत से घटकर 15.1 प्रतिशत हुई है और कानूनी सहायता के क्षेत्र में उत्तराखंड 17वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंचा है।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल का रिकॉर्ड भूलकर कानून-व्यवस्था पर उपदेश देने से पहले यह देखना चाहिए कि भाजपा सरकार ने व्यवस्था के अलग-अलग स्तरों पर क्या बदलाव किए हैं। कांग्रेस के पास घटनाओं की सूची हो सकती है, लेकिन सरकार के पास अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस बल की क्षमता और व्यवस्था को मजबूत करने के आंकड़े हैं।
उन्होंने कहा कि रायपुर की घटना में जांच जारी है और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई का सामना करना होगा। कांग्रेस को जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक निष्कर्ष निकालने के बजाय पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। सरकार अपराध को छिपाने या दबाने में नहीं, बल्कि अपराधियों को पकड़कर कानून के दायरे में लाने में विश्वास करती है।
चौहान ने कहा कि रायपुर की दुखद घटना पर कांग्रेस राजनीति कर सकती है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है कि अपराधी की पहचान, गिरफ्तारी, जांच और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करना है। कांग्रेस घटनाओं को राजनीतिक हथियार बनाने के बजाय जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाए। जनता को राजनीति नहीं, न्याय चाहिए और सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रही है।



