* मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई: एनके गुसाईं
देहरादून। दून विश्वविद्यालय की मेस में परोसे गए भोजन में कीड़ा मिलने के बाद सोमवार देर रात छात्र-छात्राओं का आक्रोश सामने आया। भोजन की गुणवत्ता और मेस व्यवस्था को लेकर नाराज छात्रों ने कुलपति आवास के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।मामले की सूचना मिलने पर पुलिस और विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर भी मौके पर पहुंचे। छात्रों ने मेस के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और शिकायतों के समाधान को लेकर सवाल उठाए।
इस प्रकरण को लेकर भाजपा नेता एवं रायपुर विधानसभा के मीडिया प्रभारी एडवोकेट एनके गुसाईं ने दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल से मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। भोजन में कीड़ा मिलना गंभीर मामला है, इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए।
एन.के. गुसाईं ने कुलपति सुरेखा डंगवाल के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा है कि मेस के भोजन को लेकर पहले भी छात्रों की शिकायतें मिली थीं और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए थे।
गुसाईं ने कहा कि यदि प्रशासन को पहले से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, तो उन शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न बताते हुए कहा कि सिर्फ शिकायत मिलने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई और उसकी निगरानी किस स्तर पर हुई।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि मेस की खाद्य सामग्री, रसोई की स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता तथा मेस संचालन की व्यवस्था की तत्काल जांच कराई जाए और जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

