* 65 हजार से अधिक किशोरियों का हुआ टीकाकरण, चमोली ने हासिल किया 100 प्रतिशत लक्ष्य
देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण कार्यक्रम को प्रदेश में निरंतर गति मिल रही है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड द्वारा राज्य एवं जनपद स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, लक्षित किशोरियों की सूची तैयार करने, टीकाकरण सत्रों की संख्या बढ़ाने तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा निरंतर फॉलोअप के परिणामस्वरूप अभियान ने हाल के महीनों में उल्लेखनीय गति पकड़ी है। कार्यक्रम के तहत 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष की आयु पूरी न करने वाली किशोरियां लक्षित समूह में शामिल हैं।
भारत सरकार के विजन के अनुरूप उत्तराखंड में HPV टीकाकरण को बढ़ावा
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार किशोरियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। HPV टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य की प्रत्येक पात्र किशोरी तक HPV टीकाकरण की सुविधा समय पर पहुंचे और टीकाकरण को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या हिचकिचाहट को सही एवं तथ्यात्मक जानकारी के माध्यम से दूर किया जाए।
राष्ट्रीय स्तर पर किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के अनुरूप उत्तराखंड में भी पात्र किशोरियों तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा कि भारत सरकार के विजन के अनुरूप उत्तराखंड में HPV टीकाकरण को पात्र किशोरियों तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किशोरी तक समय पर टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है और इसके लिए राज्य स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप को मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य केवल वर्तमान अभियान के दौरान अधिक से अधिक किशोरियों का टीकाकरण करना ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें प्रत्येक पात्र बालिका को 14 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर समय से HPV टीका मिल सके।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण कदम
HPV संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। किशोरावस्था में HPV का टीका लगाए जाने से भविष्य में HPV संक्रमण तथा उससे होने वाली सर्वाइकल कैंसर संबंधी बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। यही कारण है कि कम उम्र में पात्र किशोरियों का टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय माना जाता है।
मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. संदीप तिवारी, ने कहा उत्तराखंड में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV टीकाकरण को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से विद्यालय स्तर पर जागरूकता एवं टीकाकरण गतिविधियों को गति दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग का यह संयुक्त प्रयास “सही जानकारी, सही समय पर टीकाकरण और स्वस्थ भविष्य” के संदेश के साथ उत्तराखंड की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
उत्तराखंड में HPV टीकाकरण की प्रगति
एचपीवी वैक्सीनेशन प्रोग्राम के जिला रैंकिंग डैशबोर्ड के अनुसार सितंबर माह 2026 तक उत्तराखंड में कुल 95,000 के निर्धारित अभियान लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 65,000 लाभार्थियों का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 69 प्रतिशत है। जनपदवार प्रगति में चमोली 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज कर प्रथम स्थान पर है, जबकि पिथौरागढ़ ने लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की है। ऊधम सिंह नगर जनपद में लगभग 86 प्रतिशत, लाभार्थियों का टीकाकरण किया गया है। साथ ही, राज्य के अन्य जनपदों में भी एचपीवी टीकाकरण ने गति पकड़ ली है। इस प्रकार राज्य में एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रगति दर्ज की जा रही है।
यह प्रगति राज्य एवं जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा, फॉलोअप, सक्रिय ड्यू-लिस्टिंग तथा पात्र किशोरियों के मोबिलाइजेशन को दर्शाती है।
प्रदेश स्तर पर 95,000 किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और विभाग द्वारा शेष पात्र किशोरियों तक पहुंचने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. अमित शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में HPV टीकाकरण की प्रगति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। जनपदों द्वारा किए जा रहे प्रयासों, ड्यू-लिस्टिंग, मोबिलाइजेशन और फॉलोअप के माध्यम से शेष पात्र किशोरियों तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य जनपदों में भी टीकाकरण ने गति पकड़ी है और निर्धारित लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रणनीति: हर पात्र बालिका तक पहुंच, टीकाकरण और फॉलोअप
HPV टीकाकरण को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनमें आशा कार्यकर्ताओं द्वारा पात्र किशोरियों की ड्यू-लिस्ट तैयार एवं अद्यतन करना, टीकाकरण सत्रों का आयोजन, जनपद एवं विकासखंड स्तर पर दैनिक प्रगति की समीक्षा तथा छूटी हुई किशोरियों का फॉलोअप शामिल है।
विभाग द्वारा टीकाकरण से वंचित किशोरियों को विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित किया जा रहा है, जैसे—टीकाकरण सत्र में उपस्थित न होना, परिवार अथवा किशोरी की हिचकिचाहट, संपर्क में न आना, प्रवास आदि। इससे प्रत्येक श्रेणी के अनुसार लक्षित कार्रवाई करने में सहायता मिलती है।
इसके साथ ही विद्यालयों, अभिभावकों, समुदाय के प्रतिनिधियों तथा RKSK काउंसलर्स के माध्यम से जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
डॉ. ऋतु खेतान, सहायक निदेशक, टीकाकरण प्रभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने बताया कि HPV टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र किशोरियों की पहचान, ड्यू-लिस्टिंग, टीकाकरण सत्रों का आयोजन और छूटी हुई किशोरियों का फॉलोअप कार्यक्रम की प्रमुख रणनीतियां हैं।
उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा और डेटा आधारित मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी पात्र किशोरी टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि “हर किशोरी तक HPV टीकाकरण, स्वस्थ उत्तराखंड की ओर एक कदम।”
सुरक्षित टीकाकरण पर विशेष जोर
HPV टीकाकरण के दौरान सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए टीकाकरण स्थल पर निर्धारित व्यवस्थाओं, AEFI (Adverse Events Following Immunization) की तैयारी तथा संक्रमण रोकथाम संबंधी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विभाग द्वारा टीकाकरण टीमों की क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण एवं सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि पात्र किशोरियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण टीकाकरण सेवा मिल सके।
HPV KAVACH से डेटा के आधार पर लिए जा रहे निर्णय
उत्तराखंड में HPV टीकाकरण कार्यक्रम की निगरानी को मजबूत करने के लिए HPV KAVACH—HPV Program SMART Dashboard विकसित किया जा रहा है। यह पहल उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली नवाचार एवं अच्छी कार्यप्रणाली के रूप में सामने आ रही है।
HPV KAVACH के माध्यम से टीकाकरण की प्रगति, कवरेज, सत्रों तथा वैक्सीन स्टॉक की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। रियल-टाइम डेटा, विश्लेषणात्मक जानकारी और अलर्ट के माध्यम से कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों तथा वैक्सीन स्टॉक से संबंधित संभावित समस्याओं की समय पर पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह डिजिटल पहल “Data to Action” की अवधारणा को मजबूत करते हुए नीति-निर्माताओं और कार्यक्रम प्रबंधकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अभियान से नियमित टीकाकरण की ओर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा HPV टीकाकरण को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित व्यवस्था के रूप में मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
अभियान चरण में वर्तमान पात्र समूह की सभी किशोरियों तक पहुंच बनाकर उनका टीकाकरण सुनिश्चित करना लक्ष्य है, जबकि नियमित चरण में प्रत्येक बालिका के 14 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही उसे समय पर टीका उपलब्ध कराने पर ध्यान रहेगा।
इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र किशोरियों की पहचान—ड्यू-लिस्ट—मोबिलाइजेशन—टीकाकरण—फॉलोअप की पूरी प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए ड्यू-लिस्ट की नियमित समीक्षा, विकासखंडवार दैनिक विश्लेषण, टीकाकरण से वंचित किशोरियों की पहचान, वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता, नियमित रिपोर्टिंग और सामुदायिक सहभागिता को और मजबूत किया जा रहा है।
विद्यालय स्तर पर जागरूकता एवं अभिभावकों की सहभागिता
HPV टीकाकरण को जन-जन तक पहुंचाने और पात्र किशोरियों एवं उनके अभिभावकों में टीकाकरण के प्रति सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विद्यालय स्तर पर विशेष जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
विद्यालयों में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के दौरान छात्र-छात्राओं को HPV, HPV संक्रमण से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम, सर्वाइकल कैंसर से बचाव में HPV टीकाकरण की भूमिका तथा टीकाकरण की पात्रता के संबंध में सरल एवं तथ्यात्मक जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही किशोरियों के अभिभावकों के साथ संवाद स्थापित कर HPV वैक्सीन को लेकर प्रचलित भ्रांतियों एवं आशंकाओं को दूर करने तथा तथ्यों के आधार पर टीकाकरण के महत्व को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा विद्यालयों के माध्यम से अभिभावकों तक यह संदेश भी पहुंचाया जा रहा है कि HPV टीकाकरण किशोरियों के भविष्य के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के इस समन्वित प्रयास से विद्यालय, स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षक, किशोरियां और अभिभावक—सभी को अभियान से जोड़कर सामुदायिक सहभागिता को मजबूत किया जा रहा है।
डॉ. पंकज सिंह, सहायक निदेशक, IEC एवं जागरूकता प्रभाग ने कहा कि HPV टीकाकरण की सफलता में सही एवं तथ्यात्मक जानकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर विद्यालयों में प्रार्थना सभा, अभिभावक संवाद तथा विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से HPV टीकाकरण से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाने और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से किशोरियों एवं अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व को समझने और सही निर्णय लेने में सहयोग मिलेगा।
Pink Day के माध्यम से HPV टीकाकरण का संदेश
HPV टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में “Pink Day” जैसी विशेष जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। राज्य में प्रत्येक रविवार को पिंक डे के रूप में मनाया जा रहा है। Pink Day को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम एवं HPV टीकाकरण के प्रति जागरूकता का प्रतीकात्मक अवसर बनाते हुए छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को अभियान से जोड़ा जा रहा है।
इस अवसर पर जागरूकता संवाद, जानकारी साझा करना, पोस्टर/संदेश प्रदर्शन तथा किशोरियों और अभिभावकों के साथ संवाद जैसी गतिविधियों के माध्यम से HPV टीकाकरण से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
इस पहल का उद्देश्य HPV टीकाकरण को लेकर झिझक, गलत धारणाओं और मिथकों को दूर करना तथा अभिभावकों को अपनी पात्र बेटियों के टीकाकरण के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित करना है।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि उत्तराखंड की प्रत्येक पात्र किशोरी तक HPV टीकाकरण की सुविधा पहुंचे और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के बोझ को कम करने की दिशा में ठोस आधार तैयार हो।

