* जिला स्तर पर आयोजित होंगे ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ मार्च
देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटियों द्वारा 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाया जाएगा।
इस दौरान जिला स्तर पर ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’ आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि यह कार्यक्रम निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाए जा रहे उसके विरोध कार्यक्रमों की अगली कड़ी है।
उन्होंने कहा कि जारी कार्यक्रम के अनुसार जिला एवं महानगर स्तर पर इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संबंधित मुद्दों को सार्वजनिक किया जाएगा। इन बैठकों में प्रदेश एवं जिला स्तर के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के लिए जिला एवं प्रदेश सोशल मीडिया विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार एवं कार्यक्रमों की कवरेज सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ ब्लॉक स्तर पर भी समन्वय बैठकें आयोजित कर मार्च की रणनीति, कार्यकर्ताओं की भागीदारी तथा अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
जिला स्तर पर आयोजित होने वाला ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’ विभिन्न जिलों में निर्धारित स्थानीय मार्ग के अनुसार डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा, महात्मा गांधी की प्रतिमा या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय मैं से किसी भी एक स्थान तक निकाला जाएगा। मार्च के समापन स्थल पर राष्ट्रगान के बाद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326, जो वयस्क मताधिकार से संबंधित है, का सार्वजनिक वाचन किया जाएगा।
कांग्रेस द्वारा जारी कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में कार्रवाई तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाना है। कांग्रेस की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग भी की जा रही है। वर्तमान में ज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटियों के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी तथा इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कांग्रेस ने सभी जिलों में कार्यक्रमों को समन्वित एवं शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने तथा अधिक से अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही है।

