भारत विकास परिषद योग नगरी ऋषिकेश ने ली सेवा और संस्कारों की शपथ

भारत विकास परिषद योग नगरी ऋषिकेश ने ली सेवा और संस्कारों की शपथ

* परिषद को सेवा, संस्कार, संपर्क और सहयोग के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का किया आह्वान

ऋषिकेश। भारत विकास परिषद की योग नगरी ऋषिकेश शाखा का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को देहरादून रोड स्थित एक होटल में गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने समाजसेवा, राष्ट्रहित और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन पंकज शर्मा ने किया। इस दौरान शाखा की कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए सभी पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। पवन शर्मा ने अध्यक्ष, भावेश जोशी व अपूर्व भंडारी ने सचिव, आकाश जैन ने संगठन सचिव, अनिता रैना ने महिला संयोजक, पंकज शर्मा ने संयोजक संपर्क, निमेश शर्मा ने संयोजक पर्यावरण, नितिन राठी ने संयोजक संस्कार और हितेंद्र पवार ने संयोजक सेवा की जिम्मेदारी संभाली। अनीता ममगाईं एवं चंद्रवीर पोखरियाल को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई।

समारोह की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी यात्रितानंद गिरी महाराज ने की। उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद समाज में परोपकार एवं सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने ऋषिकेश में परिषद की शाखा के पुनर्गठन के लिए पूर्व महापौर अनीता ममगाईं को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि परिषद की ओर से एम्स ऋषिकेश में आने वाले मरीजों तथा चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों की सेवा के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्य वक्ता परिषद की क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सत्येंद्र मित्तल ने कहा कि भारत विकास परिषद केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, संपर्क, सहयोग और समर्पण के माध्यम से समाज को नई दिशा देने वाला राष्ट्रव्यापी संगठन है। उन्होंने परिषद की स्थापना की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद समाज में स्वामी विवेकानंद के विचारों की आवश्यकता महसूस हुई और 10 जुलाई 1963 को परिषद का पंजीकरण कराया गया। वर्तमान में देशभर में परिषद की करीब 2000 शाखाएं और एक लाख सदस्य हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा का लाभ पहुंचाना तथा युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना परिषद का प्रमुख उद्देश्य है।

क्षेत्रीय संयोजक संपर्क निशा अग्रवाल ने कहा कि संपर्क के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एक-दूसरे से जोड़कर सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित किया जा सकता है। परिषद को सेवा के साथ सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि सूरज न बन सके तो दीपक की तरह बनकर इस संसार को रोशन करें।”

प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मनीषा सिंघल ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नई जिम्मेदारियों के साथ परिषद के सेवा कार्यों को और व्यापक बनाया जाए। योग नगरी ऋषिकेश आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नगर है, इसलिए यहां से सेवा एवं संस्कार का संदेश और मजबूती से आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से संगठित होकर टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

प्रांतीय महासचिव संजय गर्ग ने कहा कि परिषद का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना है। उन्होंने परिषद की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

एम्स ऋषिकेश की निदेशक डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि परिषद स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित है और ऐसे विचारों की आज हर क्षेत्र में आवश्यकता है। उन्होंने परिषद के पदाधिकारियों से ऋषिकेश में सेवा कार्यों के लिए एक भवन की व्यवस्था करने का आग्रह किया और एम्स की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

क्षेत्रीय संयोजक सेवा डॉ. संगीता ने कहा कि सेवा कार्य परिषद की पहचान हैं। जरूरतमंदों की सहायता के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज के वंचित वर्गों तक पहुंचना संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा तभी सार्थक है, जब उसका लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचे।

समारोह में भाजपा नेता प्रतीक कालिया, अनिल ध्यानी, अनिकेत गुप्ता, संदीप शास्त्री, विजय बडोनी, अनूप बडोनी, राजेश गौतम, मनीष बनवाल, रमेश अरोड़ा, अजय कालरा, पार्षद संजय ध्यानी, पार्षद आशु डंग, पार्षद राजेश कोटियाल, प्रीति राठी सहित परिषद के पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

पुनर्जीवित शाखा से जनसेवा को मिलेगा नया विस्तार : अनीता ममगाईं

नगर निगम ऋषिकेश की प्रथम महापौर एवं परिषद की संरक्षक अनीता ममगाईं ने कहा कि समाजसेवा के क्षेत्र में भारत विकास परिषद का योगदान सराहनीय है। ऋषिकेश जैसे धार्मिक एवं पर्यटन नगर में सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश में पहले भी भारत विकास परिषद की शाखा सुचारू रूप से कार्य कर रही थी, लेकिन कुछ वर्षों से शाखा की गतिविधियां बंद थीं। अब इसे पुनर्जीवित किया गया है।
अनीता ममगाईं ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परिषद के माध्यम से ऋषिकेश में सेवा, संस्कार और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को नई गति दी जा सकती है।

उन्होंने जनहित के कार्यों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
समारोह के अंत में परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने समाजहित में सेवा कार्यों को प्राथमिकता देने, संगठन को मजबूत बनाने और जरूरतमंदों तक सेवा पहुंचाने का संकल्प लिया।

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