जन्माष्टमी पर विशेष: “कृष्ण लीला में निहित जीवन दर्शन”
देवकीनंदन, यशोदानन्दन, द्वारिकाधीश, आनन्दसागर, दयानिधि कृष्ण के स्वरुप का वर्णन एवं गुणगान असंभव है। कृष्ण तो वो विलक्षण व्यक्तित्व है जिसकी कल्पना स्वप्न से भी परे है। पुरषोत्तम, मुरलीमनोहर, श्याम सुन्दर के किस रूप का…









