राहुल प्रियंका का धरना प्रदर्शन संवैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग की राजनैतिक नौटंकी : भट्ट

राहुल प्रियंका का धरना प्रदर्शन संवैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग की राजनैतिक नौटंकी : भट्ट

देहरादून। भाजपा ने दिल्ली में राहुल प्रियंका कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग की राजनैतिक नौटंकी करार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इसे गैरज़िम्मेदाराना राजनीति बताते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

मीडिया में जारी अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा, देश ने देखा कि जैसे ही नीट परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली तत्काल परीक्षा रद्द कर दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। इतना ही छात्रों के हित में तुरंत और पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित की गई, जिसका शानदार परिणाम भी आया है। जिसमें लगभग 12 लाख छात्रों को सफलता प्राप्त हुई है, शायद यही नीट में सफल छात्रों की ये खुशी विपक्ष और कांग्रेस को हजम नहीं हो रही है। यही वजह है कि पहले जंतर मंतर पर धरने की आड़ में राजनेताओं द्वारा युवाओं बरगलाने का प्रयास किया गया और साथ ही दो दिन से संसद का कामकाज ठप्प कराया गया। छात्रों से सरकार के बड़े टकराव के मंसूबे पाले विपक्ष की मंशा कल जब असफल हुई तो आज कांग्रेस द्वारा यह राजनैतिक ड्रामा रचा गया। बिना किसी सूचना के जिस तरह अपने संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग कर पीएम आवास के पास प्रदर्शन किया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं खतरनाक तरीका है। जिसकी जितनी ही भर्त्सना की जाए कम ही काम है।

कहा, मोदी सरकार की प्राथमिकता देश के करोड़ों विद्यार्थियों और युवाओं का भविष्य सुनिश्चित करना है।परीक्षाओं की पवित्रता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने अनियमितताओं की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए हैं।फिलहाल मामले की निष्पक्ष जांच उच्च स्तरीय समितियों और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है। ऐसे समय में जब जांच अंतिम चरण में है, केवल राजनीतिक लाभ उठाने और छात्रों को भ्रमित करने के उद्देश्य से इस्तीफे का दबाव बनाना पूरी तरह अनुचित है।

उन्होंने विपक्ष पर नकारात्मक राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी जांच निष्कर्ष के केवल दबााव बनाकर फैसले लेने की संस्कृति हमारी सरकार में नहीं है। जो ताकतें युवाओं के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रही हैं, उन्हें देश का युवा भली-भांति पहचान चुका है। सुधारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक-आधारित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए दूरगामी सुधारात्मक कदम उठाए हैं। सरकार देश के हर होनहार छात्र के साथ मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने सरकार की तरफ से युवाओं को आश्वस्त किया कि न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

All Recent Posts Latest News उत्तराखण्ड